by on | 2026-07-10 22:39:56
Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3076
ब्रिस्टल/लंदन (बेबाक24): भारतीय क्रिकेट के नए 'वंडर बॉय' कहे जाने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत किसी डरावने सपने जैसी साबित हो रही है। आयरलैंड के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में न चुने जाने पर सोशल मीडिया पर जिस खिलाड़ी के लिए अभियान चल रहा था, वही वैभव इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में अपनी तकनीकी कमियों के कारण आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं।
ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में भी वैभव महज 10 गेंदों पर 15 रन बनाकर आउट हो गए। इस सिरीज़ के तीन मैचों में वे केवल 42 रन (14, 13 और 15) ही बना सके हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि राजस्थान रॉयल्स में उनके साथी खिलाड़ी रहे इंग्लैंड के खतरनाक तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने अब मैदान पर उस 'राज' को खोल दिया है, जिसे उन्होंने आईपीएल के दौरान छुपा कर रखा था।
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की जीत के बाद जोफ्रा आर्चर से एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि क्या नेट्स में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने सूर्यवंशी को रोकने का कोई फॉर्मूला खोज लिया है?
आर्चर का वह मज़ाकिया टालमटोल: तब आर्चर ने हंसते हुए अपनी रणनीति का खुलासा करने से इनकार कर दिया था और मुस्कुराते हुए कहा था, "मैं आपको आईपीएल खत्म होने के बाद बताऊंगा कि सूर्यवंशी के सामने कैसी गेंदबाजी करनी है।"
अब मैदान पर दिया जवाब: अंतरराष्ट्रीय सिरीज़ शुरू होते ही आर्चर ने अपने उस खुफिया प्लान को अमलीजामा पहना दिया। ब्रिस्टल में उन्होंने पहले ही ओवर में वैभव के शरीर और गले की लाइन को निशाना बनाकर लगातार दो घातक शॉर्ट-पिच (बैक-ऑफ-लेंथ) गेंदें फेंकी। हर गेंद पर हिट करने के मूड में रहने वाले वैभव ने आर्चर की एक्स्ट्रा बाउंस को पुल करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से पर लगकर मिड-ऑन पर खड़े सैम करन के हाथों में चली गई। आर्चर ने लगातार दूसरे मैच में वैभव को अपना शिकार बनाया।
वैभव सूर्यवंशी की इस लगातार नाकामी और 'अंधाधुंध अटैकिंग' अप्रोच पर देश के जाने-माने खेल पत्रकारों और विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई है:
विक्रांत गुप्ता का तीखा प्रहार: वरिष्ठ खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, "वैभव सूर्यवंशी जितनी जल्दी अपनी बल्लेबाज़ी के 'सोडा-बोतल इफेक्ट' (शुरुआत में तेज उफान और फिर तुरंत शांत हो जाना) वाले अंदाज़ से बाहर निकलेंगे, उतना ही उनके लिए बेहतर होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विपक्षी टीमों तक वीडियो एनालिसिस और कमियां बहुत तेजी से पहुंचती हैं। अब हर टीम उनकी इस कमजोरी (शॉर्ट बॉल) को निशाना बनाएगी और उन्हें जोखिम भरे शॉट खेलने के लिए मजबूर करेगी।"
आईपीएल बनाम अंतरराष्ट्रीय पिचें: विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव ने अपनी पहचान आईपीएल की सपाट और छोटी बाउंड्री वाली पिचों पर बनाई है, जहां गेंदबाजों के पास फील्डिंग पाबंदियां और फ्री-हिट जैसे नियमों का दबाव होता है। लेकिन इंग्लैंड की उछालभरी और सीमिंग परिस्थितियों में केवल बड़े शॉट के भरोसे टिकना नामुमकिन है।
क्रिकेट इतिहासकार मुकुल केसवन ने इसी साल 'द टेलीग्राफ' अखबार में एक बेहद तार्किक लेख लिखा था, जो आज वैभव की स्थिति पर सटीक बैठता है।
मुकुल केसवन ने लिखा था: "मैं आईपीएल में सूर्यवंशी की पूरी पारी शुरुआत से अंत तक नहीं देखता क्योंकि वहां बल्लेबाजों के पक्ष में नियम इतने ज्यादा झुके हैं कि चौके-छक्कों का रोमांच ही खत्म हो जाता है। जब सूर्यवंशी ने आईपीएल में जसप्रीत बुमराह के एक ओवर में दो छक्के लगाए थे, तो मेरे मन में दो बातें आईं—पहली, 'वाह!' और दूसरी, 'अब यही काम टेस्ट क्रिकेट में पांच दिनों के खेल में बुमराह के खिलाफ करके दिखाइए।' टी-20 की खुमारी और टेस्ट का वास्तविक दबाव बिल्कुल अलग होता है।"
हालांकि, कुछ दिग्गजों का यह भी मानना है कि इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी को खारिज करना जल्दबाजी होगी। खुद महान सचिन तेंदुलकर भी अपने शुरुआती दो वनडे मैचों में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ शून्य (0) पर आउट हुए थे, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक में सुधार कर इतिहास रचा।
लगातार 5वीं हार से स्तब्ध हैं राजदीप और शशि थरूर
फरवरी (2026) में टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का महज चार महीने के भीतर यह हश्र देखकर खेल प्रेमी और राजनीतिक दिग्गज हैरान हैं:
शशि थरूर (कांग्रेस नेता): "मैं सचमुच निःशब्द और पूरी तरह स्तब्ध हूँ। यह एक और ऐसी शर्मनाक हार है, जिसे बयां करना मुश्किल है। अब कहने के लिए कुछ नहीं बचा।"
राजदीप सरदेसाई (वरिष्ठ पत्रकार): "विश्व विजेता भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड के सामने पूरी तरह बेबस और रणनीति के मामले में लाचार नजर आ रही है। इस दौरे ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम के लिए जसप्रीत बुमराह से ज्यादा अपरिहार्य (Indispensable) कोई खिलाड़ी नहीं है। बुमराह अकेले ही इस टीम के असली मैच विनर हैं, जिनके बिना गेंदबाजी बेअसर है।"
इरफ़ान पठान (पूर्व क्रिकेटर): "गेंद जब भी एक्स्ट्रा उछाल लेती है, हमारे बल्लेबाज असहज हो जाते हैं। अगर उन्हें सिर्फ सपाट पिचों का बल्लेबाज नहीं कहलाना है, तो खेल सुधारना होगा। श्रेयस अय्यर की 80 रनों की पारी एक मास्टरक्लास थी, जिससे दूसरे बल्लेबाजों को सीखना चाहिए कि स्ट्राइक कैसे रोटेट की जाती है।"
15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव झेलना कोई आसान काम नहीं है, और वैभव सूर्यवंशी निसंदेह एक बेहतरीन प्रतिभा हैं। लेकिन 'बेबाक24' का मानना है कि उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल करने के लिए सोशल मीडिया पर जो अंधाधुंध हाइप बनाई गई थी, उसने इस युवा खिलाड़ी पर जरूरत से ज्यादा मानसिक दबाव बना दिया। जोफ्रा आर्चर ने नेट्स का जो राज मैदान पर खोला है, उसने भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के 'पावर-हिटिंग' कल्चर की पोल खोल दी है।
हमारे युवा बल्लेबाज यह भूल जाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेंथ गेंद और गति का सामना करने के लिए मजबूत 'डिफेंस' और तकनीक की जरूरत होती है, न कि हर गेंद पर बल्ला घुमाने की ज़िद की। इरफ़ान पठान की बात बिल्कुल सही है; कप्तान श्रेयस अय्यर ने विपरीत परिस्थितियों में 49 गेंदों में 80 रन बनाकर यह दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैसे खेला जाता है। वैभव को अगर लंबी रेस का घोड़ा बनना है, तो उन्हें तुरंत इस 'आईपीएल हैंगओवर' और 'सोडा-बोतल' रवैये को छोड़कर अपनी शॉर्ट-पिच गेंदों की कमजोरी पर काम करना होगा, वरना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में टीमें उन्हें क्रीज पर टिकने का मौका नहीं देंगी।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'