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अंतरराष्ट्रीय कूटनीति (बेबाक24): विदेश दौरे के अगले चरण में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पीएम मोदी, मेलबर्न में हुआ स्वागत; पीएम एंथनी अल्बनीज़ के साथ रक्षा सहयोग पर होगी बड़ी डील

by admin@bebak24.com on | 2026-07-09 21:34:25

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अंतरराष्ट्रीय कूटनीति (बेबाक24): विदेश दौरे के अगले चरण में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पीएम मोदी, मेलबर्न में हुआ स्वागत; पीएम एंथनी अल्बनीज़ के साथ रक्षा सहयोग पर होगी बड़ी डील

मेलबर्न/नई दिल्ली ब्यूरो (बेबाक24): इंडोनेशिया और तुर्की के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की आधिकारिक विदेश यात्रा के अंतिम और बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंच चुके हैं। हवाई अड्डे पर उनका भव्य और औपचारिक स्वागत किया गया।

यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तेजी से बढ़ते सामरिक, रक्षा और व्यापारिक कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। मेलबर्न पहुंचने के तुरंत बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने इस यात्रा के रणनीतिक लक्ष्यों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।

1. 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती'— पीएम मोदी

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर कदम रखते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी इस यात्रा के उद्देश्यों को साझा करते हुए लिखा:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक बयान:

"मैं ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंच चुका हूँ। यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और अधिक मजबूत तथा प्रगाढ़ करेगी। दोनों देशों के साझा हित वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए बेहद अहम हैं।"

2. तीसरे सालाना शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे दोनों प्रधानमंत्री

विदेश मंत्रालय (MEA) भी इस दौरे को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर इस यात्रा के आधिकारिक एजेंडे की जानकारी देते हुए लिखा:

  • शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता: "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया सालाना शिखर सम्मेलन (Annual Summit) की सह-अध्यक्षता करेंगे।"

  • हितधारकों के साथ चर्चा: उन्होंने आगे बताया कि इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान आपसी हितों के सभी प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को गति देने के लिए अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) और व्यापारिक जगत के दिग्गजों के साथ भी उच्च स्तरीय बातचीत की जाएगी।

3. रक्षा और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर टिकीं पूरी दुनिया की नजरें

कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा का सबसे बड़ा और मुख्य एजेंडा रक्षा सहयोग (Defense Cooperation) को एक नए स्तर पर ले जाना है। चीन के बढ़ते समुद्री रसूख के बीच क्वाड (QUAD) के दो महत्वपूर्ण देशों— भारत और ऑस्ट्रेलिया का यह द्विपक्षीय मंच बेहद रणनीतिक है:

  • समुद्री सुरक्षा (Maritime Security): हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित बनाए रखने के लिए दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर अहम समझौते हो सकते हैं।

  • क्रिटिकल मिनरल्स और निवेश: रक्षा के अलावा, ऑस्ट्रेलिया से भारत को मिलने वाले क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम) की सप्लाई चेन और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (ECTA) को आगे बढ़ाने पर भी गहन चर्चा होगी।

बेबाक24 टेक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह ऑस्ट्रेलिया यात्रा उनकी इस तीन देशों की विदेश यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक कड़ी है। इंडोनेशिया में सांस्कृतिक 'डीएनए' की मजबूती और तुर्की में नेटो के बहाने क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के बाद, अब मेलबर्न में पीएम एंथनी अल्बनीज़ के साथ 'सालाना शिखर सम्मेलन' में बैठना यह दिखाता है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी बिसात कितनी मजबूती से बिछा रहा है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के संबंध पिछले कुछ वर्षों में केवल क्रिकेट और व्यापार से ऊपर उठकर एक बेहद मजबूत सैन्य और रणनीतिक गठजोड़ में बदल चुके हैं।

'बेबाक24' का मानना है कि इस तीसरे सालाना शिखर सम्मेलन में रक्षा सहयोग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर होने वाले समझौते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की विस्तारवादी नीति को सीधा और कड़ा कूटनीतिक जवाब होंगे। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और पीएम मोदी के बीच की व्यक्तिगत केमिस्ट्री भी इस साझेदारी को गति देने में बड़ी भूमिका निभाती है। मेलबर्न की इस धरती से जो भी रक्षा समझौते निकलकर सामने आएंगे, वे आने वाले दशक में एशिया-पैसिफिक की भू-राजनीति की दिशा तय करेंगे। भारत अब सिर्फ एक क्षेत्रीय खिलाड़ी नहीं, बल्कि हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक सुरक्षा का एक बड़ा नेट-प्रदाता (Net Security Provider) बनकर उभर रहा है।



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