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तेहरान में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का नमाज़-ए-जनाज़ा: पहली कतार में दिखे तीन बेटे, लेकिन मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई रहे नदारद

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 21:28:19

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तेहरान में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का नमाज़-ए-जनाज़ा: पहली कतार में दिखे तीन बेटे, लेकिन मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई रहे नदारद

इंटरनेशनल डेस्क (बेबाक24): ईरान की राजधानी तेहरान से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। तेहरान की ऐतिहासिक मुसल्ला मस्जिद में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के नमाज़-ए-जनाज़ा (अंतिम संस्कार की प्रार्थना) का आयोजन किया गया। ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट आईआरआईबी (IRIB) द्वारा जारी की गई आधिकारिक तस्वीरों के मुताबिक, इस बेहद गमगीन माहौल में अली ख़ामेनेई के तीन बेटे— मीथम, मसूद और मुस्तफ़ा ख़ामेनेई नमाज़ की पहली क़तार में खड़े दिखाई दिए।

हालांकि, पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई के सबसे चर्चित बेटे और ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई अपने पिता के जनाज़े की नमाज़ में शामिल नहीं हुए।

1. 28 फ़रवरी को हुए अमेरिकी-इसराइली हमले में तबाह हुआ था परिवार

यह नमाज़-ए-जनाज़ा उस भीषण भू-राजनीतिक त्रासदी का परिणाम है जिसने इस साल की शुरुआत में पूरे मध्य-पूर्व को हिलाकर रख दिया था। बीते 28 फ़रवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के एक संयुक्त और भीषण हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता के आधिकारिक आवास (Residential Compound) को निशाना बनाया गया था।

इस घातक हमले में न केवल तत्कालीन सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हुई थी, बल्कि उनके परिवार के चार अन्य करीबी सदस्य भी मारे गए थे:

  • बशरा हुसैनी ख़ामेनेई (अली ख़ामेनेई की बेटी)

  • मसबाह-अल-हुदा बाघेरी (दामाद और होदा ख़ामेनेई के पति)

  • ज़हरा हद्दाद-ए-आदिल (ख़ामेनेई परिवार की बहू)

  • ज़हरा मोहम्मदी गोलपायगानी (अली ख़ामेनेई की मासूम पोती)

2. अपनों को खोने वाले मोहम्मद जवाद गोलपायगानी भी आए नज़र

मुसल्ला मस्जिद में जनाज़े के दौरान बेहद भावुक दृश्य तब देखने को मिले, जब अग्रिम पंक्तियों में मोहम्मद जवाद मोहम्मदी गोलपायगानी खड़े दिखाई दिए। मोहम्मद जवाद इस हमले के सबसे बड़े पीड़ितों में से एक हैं, जिन्होंने 28 फ़रवरी के उस हमले में एक साथ अपनी पत्नी (बशरा हुसैनी ख़ामेनेई) और अपनी बेटी (ज़हरा मोहम्मदी गोलपायगानी) दोनों को हमेशा के लिए खो दिया।

बेबाक24 टेक

आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के जनाज़े की यह तस्वीरें केवल एक परिवार के शोक की नहीं हैं, बल्कि यह 2026 में ईरान की सत्ता के भीतर चल रही गहरी कूटनीतिक और सुरक्षा चिंताओं की गवाह हैं। पिता के जनाज़े में नए सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई का शामिल न होना सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद रणनीतिक और अनिवार्य कदम हो सकता है। 28 फ़रवरी को जिस तरह अमेरिका और इसराइल ने सीधे सर्वोच्च नेता के आवास को निशाना बनाकर पूरे नेतृत्व को खत्म करने की कोशिश की थी, उसे देखते हुए ईरानी सुरक्षा एजेंसियां (IRGC) मोजतबा ख़ामेनेई को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठा सकती थीं। मुसल्ला मस्जिद जैसे सार्वजनिक और बड़े जमावड़े वाले स्थान पर उनकी मौजूदगी उन पर दोबारा हमले का बड़ा जरिया बन सकती थी।

'बेबाक24' का मानना है कि मीथम, मसूद और मुस्तफ़ा की मौजूदगी ने जहां जनता के बीच ख़ामेनेई परिवार की निरंतरता का संदेश दिया है, वहीं मोजतबा की अनुपस्थिति यह साफ करती है कि ईरान का नया नेतृत्व इस समय गहरे सुरक्षा घेरे में रहकर काम कर रहा है। मध्य-पूर्व में जारी इस खूनी संघर्ष और अमेरिका-इसराइल के आक्रामक रुख के बीच, मोजतबा ख़ामेनेई के सामने अब न केवल अपने परिवार की शहादत का बदला लेने की चुनौती है, बल्कि ईरान की आंतरिक स्थिरता और कूटनीतिक अस्तित्व को बचाए रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।



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