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"दत्ता जी का बयान आया है, उसी को देखिए"— राम मंदिर चढ़ावा मामले पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की संक्षिप्त प्रतिक्रिया

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 21:26:04

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"दत्ता जी का बयान आया है, उसी को देखिए"— राम मंदिर चढ़ावा मामले पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की संक्षिप्त प्रतिक्रिया

नेशनल डेस्क (बेबाक24): अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft Case) का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा पुलिस को लिखे गए पत्र और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) की इस पूरे विवाद पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

रविवार (5 जुलाई 2026) को जब मीडिया कर्मियों ने राम मंदिर चढ़ावे में हुई हेरफेर और जारी जांच को लेकर आरएसएस प्रमुख से सवाल पूछा, तो उन्होंने इस पर सीधा टिप्पणी करने के बजाय संघ के आधिकारिक रुख की ओर इशारा किया।

1. "दत्ता जी के बयान को देखें"— मोहन भागवत

मीडिया द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट और चढ़ावा चोरी से जुड़े विवाद पर सवाल दागे जाने पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बेहद संक्षिप्त और नपा-तुला जवाब दिया। उन्होंने कहा:

मोहन भागवत का बयान:

"दत्ता जी का एक बयान आया है, उसी को देखिए।"

आरएसएस प्रमुख का इशारा संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले के उस आधिकारिक बयान की तरफ था, जो इस संवेदनशील मुद्दे पर संघ के शीर्ष नेतृत्व के रुख को स्पष्ट करता है।

2. दत्तात्रेय होसबाले ने अपने वीडियो संदेश में क्या कहा था?

आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार (3 जुलाई) को इस पूरे मामले को लेकर एक विस्तृत वीडियो संदेश जारी किया था। संघ की ओर से इस मामले में यह पहली और सबसे बड़ी आधिकारिक प्रतिक्रिया थी, जिसमें उन्होंने सख्त लहजा अपनाया था:

  • राम भक्तों की आस्था को चोट: होसबाले ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पावन राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की इस घृणित घटना ने दुनिया भर के करोड़ों राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं और गहरी आस्था को ठेस पहुंचाई है।

  • दोषियों को मिले कड़ी सजा: उन्होंने मांग की कि इस मामले में जो भी लोग संलिप्त हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलना बेहद जरूरी है।

  • ट्रस्ट से व्यवस्था सुधारने की अपील: इसके साथ ही उन्होंने 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' से इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लेने और मंदिर की सुरक्षा व वित्तीय प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था में मौजूद सभी कमियों (Loop holes) को तुरंत दूर करने की पुरजोर अपील की थी।

बेबाक24 टेक

राम मंदिर चंदा और चढ़ावा चोरी का मामला अब महज एक स्थानीय अपराध नहीं रहा, बल्कि यह देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक और राजनीतिक संगठनों के आत्मसम्मान और जवाबदेही से जुड़ गया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत का मीडिया के कैमरे पर सीधे कुछ न बोलकर 'दत्ता जी के बयान' का हवाला देना कूटनीतिक रूप से एक बेहद सोची-समझी और अनुशासित रणनीति (Organizational Discipline) का हिस्सा है। संघ यह अच्छी तरह जानता है कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह की अनौपचारिक या ढीली बयानबाजी विपक्ष को और हमलावर होने का मौका दे सकती है।

'बेबाक24' का मानना है कि दत्तात्रेय होसबाले के जरिए संघ ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह इस मामले में किसी भी तरह की लीपापोती के पक्ष में नहीं है। राम मंदिर आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठनों (RSS और VHP) के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे जनता के बीच अपनी साख को बचाए रखें, क्योंकि चंदे या चढ़ावे में एक रुपये की भी हेरफेर करोड़ों लोगों के भरोसे को तोड़ती है। अब तक हुई आठ गिरफ्तारियां यह दिखाती हैं कि पुलिस और प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहे हैं, लेकिन मोहन भागवत का यह संक्षिप्त इशारा यह भी साफ करता है कि संघ अब इस मामले में केवल ट्रस्ट की सफाई से संतुष्ट नहीं है, बल्कि वह जमीन पर ठोस कड़े कदम और पूरी पारदर्शिता चाहता है।



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