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विदेश मंत्री एस जयशंकर आज से 11 दिवसीय कूटनीतिक यात्रा पर: मध्य-पूर्व के 4 देशों, न्यूयॉर्क और ब्रसेल्स का अहम दौरा, UNSC अभियान की होगी शुरुआत

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 11:53:49

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विदेश मंत्री एस जयशंकर आज से 11 दिवसीय कूटनीतिक यात्रा पर: मध्य-पूर्व के 4 देशों, न्यूयॉर्क और ब्रसेल्स का अहम दौरा, UNSC अभियान की होगी शुरुआत

इंटरनेशनल डेस्क (बेबाक24): भारतीय विदेश नीति को वैश्विक मंच पर नए आयाम देने वाले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) रविवार (5 जुलाई 2026) से 11 दिनों के एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यापक अंतरराष्ट्रीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा शनिवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह उच्च स्तरीय कूटनीतिक दौरा 5 जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई 2026 तक चलेगा।

इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री न केवल मध्य-पूर्व (Middle East) के चार प्रमुख रणनीतिक साझेदार देशों का दौरा करेंगे, बल्कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के मुख्यालय न्यूयॉर्क और यूरोपीय संघ (EU) के केंद्र ब्रसेल्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

1. पहला पड़ाव (5 से 10 जुलाई): मध्य-पूर्व के चार देशों की यात्रा

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अपने दौरे के पहले चरण में 5 जुलाई से 10 जुलाई तक मध्य-पूर्व के चार महत्वपूर्ण खाड़ी देशों— कतर (Qatar), बहरीन (Bahrain), कुवैत (Kuwait) और ओमान (Oman) की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।

  • मुलाकातें और एजेंडा: इस दौरान वे इन चारों देशों के विदेश मंत्रियों और वहां के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

  • यात्रा का मुख्य मकसद: विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य खाड़ी देशों के साथ भारत के सदियों पुराने व्यापारिक, ऊर्जा और रणनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है। इसके साथ ही मध्य-पूर्व में चल रहे हालिया क्षेत्रीय घटनाक्रमों, भू-राजनीतिक सुरक्षा चुनौतियों और आपसी हितों से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

2. दूसरा पड़ाव (13 जुलाई): न्यूयॉर्क में UNSC 2028-29 अभियान का शंखनाद

मध्य-पूर्व का दौरा संपन्न करने के बाद, डॉ. जयशंकर 13 जुलाई 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचेंगे।

  • UNSC के लिए आधिकारिक दावेदारी: न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वर्ष 2028-29 की अवधि के लिए भारत के अस्थायी सदस्यता के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। भारत वैश्विक मंच पर लगातार अपनी स्थायी और अस्थायी भूमिका को मजबूत करने की वकालत करता रहा है, ऐसे में इस अभियान की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

3. तीसरा पड़ाव (14-15 जुलाई): ब्रसेल्स में भारत-ईयू ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल की बैठक

अपने दौरे के अंतिम चरण में विदेश मंत्री 14 और 15 जुलाई को बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।

  • ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC): डॉ. जयशंकर यहां भारत-ईयू (EU) ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत करेंगे।

  • यूरोपीय समकक्षों से वार्ता: इस बैठक के इतर वे यूरोपियन यूनियन के वरिष्ठ अधिकारियों और बेल्जियम के अपने समकक्ष विदेश मंत्रियों से मुलाकात कर भारत-यूरोप व्यापार, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे आधुनिक आर्थिक मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।

बेबाक24 टेक

साल 2026 की जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर का यह 11 दिवसीय दौरा भारतीय कूटनीति के 'मल्टी-अलाइनमेंट' (Multi-alignment) यानी बहु-पक्षीय संतुलन के सिद्धांत को साफ तौर पर दर्शाता है। एक तरफ जहां मध्य-पूर्व (कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान) में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिए इन देशों पर निर्भर है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक खींचतान और इजराइल की सैन्य गतिविधियों के बीच भारत का वहां जाना बेहद संतुलित रुख की मांग करता है।

'बेबाक24' का मानना है कि इस पूरी यात्रा में सबसे ज्यादा नजरें न्यूयॉर्क और ब्रसेल्स पर टिकी होंगी। वर्ष 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के अभियान की शुरुआत करना वैश्विक शासन (Global Governance) में भारत की बढ़ती धमक का प्रमाण है। इसके ठीक बाद ब्रसेल्स में यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल की तीसरी बैठक यह तय करेगी कि चीन पर निर्भरता कम करने के पश्चिमी कूटनीतिक प्रयासों में भारत खुद को किस तरह एक मजबूत और भरोसेमंद ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग व तकनीकी हब के रूप में स्थापित कर पाता है। जयशंकर की यह यात्रा भारत के आर्थिक और सामरिक दोनों ही हितों को साधने के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है।



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