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वैभव सूर्यवंशी के 14 रन बनाम सचिन के 15 रन: 15 वर्षीय युवा सनसनी का ऐतिहासिक डेब्यू, लेकिन दूसरे T20 में विलेन बने रवि बिश्नोई

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 11:43:09

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वैभव सूर्यवंशी के 14 रन बनाम सचिन के 15 रन: 15 वर्षीय युवा सनसनी का ऐतिहासिक डेब्यू, लेकिन दूसरे T20 में विलेन बने रवि बिश्नोई

स्पोर्ट्स डेस्क (बेबाक24): भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे रोमांचक टी-20 (IND vs ENG 2nd T20) मुकाबले में क्रिकेट जगत को एक नया इतिहास बनते देखने को मिला। महज 14 साल 99 दिन की उम्र में मैदान पर कदम रखकर भारतीय क्रिकेट के नए 'वंडर बॉय' वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रख दिया। इसके साथ ही उन्होंने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का 37 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।

हालांकि, भारत यह मैच 4 विकेट से हार गया। इस ऐतिहासिक डेब्यू की चर्चा मैच की शुरुआत में जितनी तेजी से उठी, मैच खत्म होने के बाद उतनी ही तेजी से सुर्खियां लेग स्पिनर रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) के खराब प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर फैन्स के गुस्से की तरफ मुड़ गईं।

1. 'विलेन' बना 17वां ओवर: रवि बिश्नोई ने लुटाए 29 रन, फेंकी 3 नो-बॉल

भारतीय टीम 16वें ओवर तक मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए थी। इंग्लैंड का स्कोर 5 विकेट पर 142 रन था और उसे आखिरी 24 गेंदों में जीत के लिए 49 रनों की दरकार थी। मैच पूरी तरह भारत की मुट्ठी में था, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वां ओवर स्पिनर रवि बिश्नोई को थमाया और यहीं से पासा पलट गया:

  • एक ओवर में 29 रन: इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज जैकब बेथेल ने बिश्नोई के इस ओवर में क्रूर प्रहार करते हुए 3 गगनचुंबी छक्के और 1 चौका जड़ दिया।

  • नो-बॉल का महापाप: बिश्नोई ने इस ओवर में एक नहीं बल्कि दो-दो नो-बॉल फेंकी। पूरे मैच में उन्होंने कुल 3 नो-बॉल डालीं और 4 ओवर के अपने स्पेल में बिना कोई विकेट लिए 60 रन लुटा दिए।

  • मैच जिताऊ पारी: जैकब बेथेल ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और 46 गेंदों में नाबाद 76 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलकर इंग्लैंड को 19वें ओवर में ही जीत दिला दी।

कप्तान श्रेयस अय्यर का बयान: "हम सभी जानते हैं कि मैच कब हमारे हाथ से निकल गया। मैं किसी एक खिलाड़ी पर उंगली नहीं उठाना चाहता, लेकिन पहली नो-बॉल के बाद मुझे लगा वह वापसी करेगा, पर दूसरी नो-बॉल ने हमें भारी नुकसान पहुंचाया। निश्चित तौर पर बिश्नोई को इससे बड़ी सीख लेनी होगी।"

2. दो अलग सदियों के डेब्यू: सचिन के 15 रन बनाम वैभव के 14 रन

क्रिकेट पंडित इस समय 1989 में सचिन तेंदुलकर के डेब्यू और 2026 में वैभव सूर्यवंशी के उभार की तुलना कर रहे हैं। हालांकि दोनों का दौर और परिस्थितियां बिल्कुल जुदा हैं:

  • सचिन का तेवर (1989): सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ कराची के खतरनाक माहौल में टेस्ट डेब्यू किया था। वसीम अकरम, वकार यूनुस और इमरान खान जैसी आग उगलती गेंदबाजी के सामने सचिन ने 15 रन बनाए थे। वह स्कोर भले छोटा था, लेकिन उसने दुनिया को दिखाया था कि यह बच्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर की लड़ाई के लिए ही पैदा हुआ है।

  • वैभव का निर्भीक अंदाज (2026): आईपीएल (IPL 2026) के शोर और सोशल मीडिया के इस दौर में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने घबराने के बजाय 2 शानदार छक्के जड़े। खेल विश्लेषक प्रबुद्ध भट्टाचार्जी के मुताबिक, "सचिन के 15 रन ने बताया था कि यह लड़का दिग्गजों के बीच टिक सकता है, वहीं सूर्यवंशी के 14 रन ने साबित किया कि अंतरराष्ट्रीय मंच का दबाव उन्हें निगल नहीं पाया।"

3. क्रिकेट के दिग्गजों और पत्रकारों ने उठाए तीखे सवाल

भारत की इस करारी हार और टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:

  • हर्षा भोगले (कमेंटेटर): "टी-20 क्रिकेट के किसी भी पड़ाव पर नो-बॉल स्वीकार्य नहीं है। एक स्पिनर का नो-बॉल फेंकना तो और भी गंभीर गलती है। एक ही मैच में तीन नो-बॉल करना बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है।"

  • अयाज मेमन (खेल विश्लेषक): "अर्शदीप और बिश्नोई के दो महंगे ओवरों ने मिलकर 56 रन लुटाए, जो भारत की हार की मुख्य वजह बने। तीन स्पिनरों के साथ उतरने की भारतीय टीम की रणनीति पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई।"

  • राजदीप सरदेसाई (वरिष्ठ पत्रकार): "टी-20 फॉर्मेट में गेंदबाजों से सहानुभूति होनी चाहिए, लेकिन रवि बिश्नोई आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) की प्लेइंग-11 के नियमित सदस्य भी नहीं हैं। फिर भी टीम इंडिया में उनसे मैच का सबसे क्रूशियल ओवर कराना समझ से परे है।"

  • विक्रांत गुप्ता (वरिष्ठ खेल पत्रकार): "क्या यह महज एक इत्तेफाक है कि बिश्नोई ने मैच में तीन नो-बॉल फेंकी? या फिर वे नेट्स में भी स्पिन कोच साइराज बहुतुले की निगरानी में यही गलतियां दोहरा रहे थे?"

बेबाक24 टेक

15 साल के वैभव सूर्यवंशी का भारतीय जर्सी में उतरना और सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सुखद और गौरवशाली क्षण है। वैभव की 14 रनों की पारी भले ही छोटी रही, लेकिन उनके बल्ले से निकले दो छक्कों ने यह साफ कर दिया कि यह लड़का डरता नहीं है। आईपीएल के प्रेशर-कुकर माहौल से निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में आए वैभव को आने वाले मैचों में और मौके मिलने चाहिए ताकि वे अपनी इस प्रतिभा को बड़ी पारियों में बदल सकें।

लेकिन 'बेबाक24' का मानना है कि इस ऐतिहासिक पल का मजा रवि बिश्नोई की गैर-जिम्मेदाराना गेंदबाजी ने पूरी तरह किरकिरा कर दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लेग स्पिनर द्वारा एक ही मैच में 3 नो-बॉल फेंकना और एक ओवर में 29 रन लुटा देना किसी भी लिहाज से माफ करने योग्य नहीं है। राजदीप सरदेसाई का यह सवाल बिल्कुल जायज है कि जो खिलाड़ी अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी (राजस्थान रॉयल्स) की मुख्य एकादश में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है, उसे भारतीय टीम के मुख्य स्पिनर के रूप में डेथ ओवरों का जिम्मा कैसे सौंपा जा सकता है? कोच और कप्तान को अपनी 'थ्री-स्पिनर' थ्योरी पर दोबारा विचार करना होगा, वरना इंग्लैंड जैसी आक्रामक टीमें साल 2026 के इस सीजन में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के परखच्चे उड़ाती रहेंगी।



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