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योगी का बड़ा बयान: अब रामभक्तों पर नहीं चलेंगी गोलियां, जय श्रीराम बोलने पर नहीं बरसेंगी लाठियां

by on | 2026-11-08 14:20:38

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योगी का बड़ा बयान: अब रामभक्तों पर नहीं चलेंगी गोलियां, जय श्रीराम बोलने पर नहीं बरसेंगी लाठियां

अयोध्या | बेबाक24 न्यूज़

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर अयोध्या में आयोजित निषाद समाज के दीपावली मिलन समारोह में कहा कि अब रामनगरी में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और जय श्रीराम का उद्घोष करने पर किसी को लाठी-डंडे नहीं खाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी कोई रोक नहीं लगा सकेगा। मुख्यमंत्री ने अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, गरिमा और विकास को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की।

रविवार को रामघाट हाल्ट के पास निषाद बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने सफाईकर्मियों, नाविकों, मल्लाहों, निषाद समाज के सदस्यों और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले पार्षदों को सम्मानित किया। उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उपहार भी भेंट किए।

30 लाख दीपों के बाद भी स्वच्छ रहे घाट

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार दीपोत्सव में 30 लाख से अधिक दीप जलाए गए। देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही, लेकिन अगली सुबह घाट साफ और व्यवस्थित दिखाई दिए। कहीं गंदगी या अव्यवस्था नजर नहीं आई।

उन्होंने इसका श्रेय सफाईकर्मियों के परिश्रम और सेवाभाव को दिया। योगी ने कहा कि अयोध्या की पहचान उसकी स्वच्छता और व्यवस्था से भी बनती है। शहर को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाए रखना केवल सरकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

सरयू की सेवा में नाविकों और निषाद समाज की भूमिका

योगी आदित्यनाथ ने सरयू आरती के दौरान नाविकों और मल्लाहों की सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि शनिवार-रविवार, अमावस्या, पूर्णिमा और प्रमुख त्योहारों पर लाखों श्रद्धालु सरयू में स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नाविकों, मल्लाहों और निषाद समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की विरासत को आगे बढ़ाने में इन समुदायों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

रामायण के प्रसंगों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि निषादराज, माता शबरी, वानरों और भालुओं के सहयोग से भगवान श्रीराम ने राक्षसी शक्तियों के विरुद्ध संघर्ष किया और विजय प्राप्त की थी।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में पूरे देश में दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया था। दीपावली, होली, रक्षाबंधन, विजयादशमी, रामनवमी, विवाह पंचमी और अयोध्या का झूला मेला जैसी परंपराएं आज भी हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए हैं।

सफाईकर्मियों, गोताखोरों और पार्षदों का सम्मान

कार्यक्रम में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अवधेश निषाद, सूरज निषाद, चंदा निषाद, कौशल्या निषाद, रेनू निषाद, काजल निषाद, आराध्या, माधवी गौतम, अंश, ज्योति, सुनीता, बब्बन, संदीप और अरुण को सम्मानित किया गया। इनमें सफाईकर्मियों के साथ उनके बच्चे भी शामिल थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों में पाटेश्वरी नगर की कुंती पांडेय, चित्रगुप्त नगर की मनीषा यादव, लाला लाजपत नगर के रामतीर्थ, कल्याण सिंह वार्ड के सूर्य कुमार तिवारी और झूलेलाल नगर के अभिनव पांडेय को सम्मान मिला।

सरयू की स्वच्छता में योगदान देने वाले गोताखोरों सतीश माजी, ब्रजेश माजी, जग्गू माजी, बाबू निषाद और अभिषेक निषाद को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में पहुंचे योगी

दीपोत्सव के अगले दिन मुख्यमंत्री ने अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने सुबह सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा कल्याण की कामना की।

इसके बाद वह श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला की आरती उतारी, मंदिर की परिक्रमा की और राम दरबार में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया।

रामजन्मभूमि परिसर एक लाख दीपों से जगमगाया

दसवें दीपोत्सव के दौरान शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में करीब 1 लाख दीप जलाए गए। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रामलला की आरती उतारी और दीप प्रज्ज्वलित किए। इसके बाद करीब 3,000 श्रद्धालुओं ने भी परिसर के अलग-अलग स्थानों पर दीप जलाए।

यात्री सुविधा केंद्र, श्रीराम जन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार, कुबेर टीला, यज्ञशाला, पंचवटी और सीता रसोई सहित कई स्थान दीपों से रोशन हुए।

30 लाख दीपों से सजी रामनगरी

दसवें दीपोत्सव में राम की पैड़ी और सरयू तट के घाटों पर करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए। रामकथा पार्क में उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं।

आयोजन के दौरान 2,147 लोगों ने एक साथ सरयू की महाआरती की। इसके अलावा 2,100 ड्रोनों के प्रदर्शन, लेजर शो, प्रकाश-चित्रण और हरित आतिशबाजी ने समारोह को भव्य बनाया।

इस बार विश्व रिकॉर्ड नहीं बन सका, लेकिन अयोध्या ने पिछले वर्ष के 26.17 लाख दीपों के अपने ही आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। सुबह साकेत महाविद्यालय से निकली शोभायात्रा के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसमें 14 झांकियां शामिल थीं। वहीं, 15 राज्यों के 500 से अधिक कलाकारों ने अपनी लोकसंस्कृति की प्रस्तुतियां दीं।

बेबाक24 टेक

अयोध्या का दीपोत्सव धार्मिक आयोजन के साथ स्वच्छता, जनभागीदारी और सांस्कृतिक विरासत का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री ने निषाद समाज, नाविकों, सफाईकर्मियों और स्थानीय नागरिकों के योगदान को रेखांकित किया। उनके रामभक्तों और परिक्रमा से जुड़े बयान ने अयोध्या के धार्मिक-सियासी इतिहास को भी फिर चर्चा में ला दिया है।



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