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ताजिया के बीच हुसैनाबाद में भारी तनाव: घर पर पथराव, तलवार-चाकू लहराकर दी 'घर फूंकने' की धमकी!

by on | 2026-06-28 16:41:00

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ताजिया के बीच हुसैनाबाद में भारी तनाव: घर पर पथराव, तलवार-चाकू लहराकर दी 'घर फूंकने' की धमकी!


​'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने का सनसनीखेज आरोप; बरेसर पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल, गांव में दहशत का माहौल

बेबाक 24

गाजीपुर। जनपद के बरेसर थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव से एक बेहद संवेदनशील और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला मामला सामने आया है। ताजिया के माहौल के बीच गांव में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। गांव के ही एक निवासी शाहिद खान ने बरेसर थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर गांव के कुछ शरारती और दबंग तत्वों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि दर्जनों की संख्या में आए उपद्रवियों ने पीड़ित के घर पर न सिर्फ भारी पथराव किया, बल्कि हाथों में नंगी तलवारें और चाकू लहराते हुए पूरे परिवार को जान से मारने और घर फूंकने की धमकी दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है।

​24-25 जून की आधी रात को हुआ तांडव, दहला परिवार

​बरेसर थाने में दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, घटना 24-25 जून की रात करीब 11:30 बजे की है। पीड़ित शाहिद खान का आरोप है कि अचानक गांव के ही कुछ चिन्हित लोग हाथों में लाठी, डंडे, धारदार चाकू और नंगी तलवारें लेकर उनके दरवाजे पर धमक पड़े। उपद्रवियों ने शाहिद खान के घर का दरवाजा बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया और खिड़कियों-दीवारों पर दनादन ईंट-पत्थर बरसाने लगे। अचानक हुए इस हमले से घर के अंदर मौजूद महिलाएं और बच्चे बुरी तरह सहम गए।

शिकायती पत्र में लगा सबसे बड़ा आरोप: पीड़ित का दावा है कि हमलावर चिल्ला रहे थे कि अगर कोई भी घर से बाहर निकला तो पूरे परिवार को गाजर-मूली की तरह काट दिया जाएगा और उनके आशियाने को आग के हवाले कर दिया जाएगा।

​'देशविरोधी गतिविधियों' और 'आपत्तिजनक नारों' से सनका माहौल

​शाहिद खान द्वारा पुलिस को सौंपे गए पत्र में जो सबसे चौंकाने वाला और गंभीर दावा किया गया है, वह है राष्ट्रविरोधी नारेबाजी का। पीड़ित का आरोप है कि हमलावर और गांव के कुछ विशेष तत्व कथित रूप से देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और वे गांव के मासूम बच्चों के जेहन में भी नफरत का जहर घोलने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप के मुताबिक, घटना के वक्त हमलावरों द्वारा 'पाकिस्तान जिंदाबाद' जैसे आपत्तिजनक और देशविरोधी नारे भी लगाए गए, जिससे देखते ही देखते पूरे गांव का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ गया और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

​ग्रामीणों के हस्तक्षेप से टला बड़ा हादसा, पर खतरा बरकरार

​आधी रात को हुए इस भारी शोर-शराबे और चीख-पुकार को सुनकर जब हुसैनाबाद गांव के अन्य संभ्रांत और जिम्मेदार नागरिक मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने बीच-बचाव करना शुरू किया। ग्रामीणों ने किसी तरह समझा-बुझाकर और डांट-डपटकर हमलावरों को वहां से खदेड़ा, तब जाकर तात्कालिक रूप से मामला शांत हो सका। हालांकि, पीड़ित का कहना है कि इस घटना के बाद भी आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें लगातार दोबारा अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे उनका पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।

​बेबाक नजरिया: बरेसर पुलिस की 'खामोशी' पर उठ रहे गंभीर सवाल!

आखिर पुलिस को किस बड़ी अनहोनी का है इंतजार?

हुसैनाबाद गांव का यह मामला सीधे तौर पर इलाके की कानून-व्यवस्था, अमन-चैन और सांप्रदायिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है। प्रार्थना पत्र में 'देशविरोधी नारेबाजी' और 'हथियारों के बल पर घर फूंकने' जैसे संगीन आरोप होने के बावजूद, खबर लिखे जाने तक बरेसर पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या त्वरित कार्रवाई सामने नहीं आई है।

​पीड़ित ने साफ तौर पर कहा है कि अगर समय रहते इन अराजक तत्वों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो गांव में कभी भी कोई बड़ी और अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अब देखना यह है कि गाजीपुर पुलिस प्रशासन इस सुलगते मामले पर क्या रुख अपनाता है और आरोपियों को सलाखों के पीछे कब तक भेजता है। 'बेबाक 24' इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए हुए है।

(नोट: यह पूरी रिपोर्ट बरेसर थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। बेबाक 24 इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है, मामले की गहन जांच और सच का खुलासा करना पुलिस प्रशासन का काम है।)



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