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"ईरान का अस्तित्व मिट जाएगा": डोनाल्ड ट्रंप की आख़िरी चेतावनी, ट्रुथ सोशल पर लिखा— 'सैन्य बल से पूरा करेंगे काम'

by on | 2026-06-28 12:54:15

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"ईरान का अस्तित्व मिट जाएगा": डोनाल्ड ट्रंप की आख़िरी चेतावनी, ट्रुथ सोशल पर लिखा— 'सैन्य बल से पूरा करेंगे काम'

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका द्वारा ईरान की मुख्य भूमि पर किए गए ताबड़तोड़ हवाई हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय पटल पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे क्रूर और सीधी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साफ लफ़्ज़ों में कहा है कि अगर युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहा, तो "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही मिटा दिया जाएगा।"

राष्ट्रपति ट्रंप का यह आक्रामक रुख अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को तबाह करने के दावे के तुरंत बाद सामने आया है।

1. ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का आक्रामक पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की और ईरान की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा:

"युद्धविराम समझौते का फिर से उल्लंघन करने पर अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों और रडार ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं।"

2. "ईरान कभी सबक़ नहीं सीखेगा" — ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि वे अब ईरान के साथ किसी भी तरह की कूटनीतिक ढील देने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा:

  • लाचारी का अंत: "यह पूरी तरह संभव है कि वे (ईरान) कभी सबक न सीखें। लेकिन ऐसा समय आ सकता है जब हम उचित या उदार रवैया अपनाने की स्थिति में नहीं रहेंगे।"

  • सैन्य बल का पूर्ण इस्तेमाल: "हमें उस काम को सैन्य बल से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिसकी शुरुआत हमने बहुत सफलतापूर्वक की थी।"

  • अंतिम चेतावनी: "अगर ऐसा हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान अस्तित्व में नहीं रहेगा।"

3. क्यों लिया अमेरिका ने इतना बड़ा एक्शन?

इस ताज़ा विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजर रहे पनामा के झंडे वाले एक कमर्शियल तेल टैंकर 'एम/टी किकू' (M/T KIKU) पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया था। इस टैंकर में 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा हुआ था। अमेरिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर सीधा हमला और पूर्व में हुए युद्धविराम समझौतों का खुला उल्लंघन माना, जिसके जवाब में शनिवार रात अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के भीतर घुसकर बमबारी की।

बेबाक24 टेक

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान केवल एक राजनीतिक गीदड़भभकी नहीं है, बल्कि यह उनकी 'पीस थ्रू स्ट्रेंथ' (शक्ति के जरिए शांति) की विदेश नीति का सीधा प्रदर्शन है। एक संप्रभु देश का अस्तित्व मिटाने की धमकी देना यह साफ करता है कि अमेरिका अब मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह के 'शह-मात' के खेल को बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान ने कच्चे तेल के टैंकर को निशाना बनाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को जो चुनौती दी थी, ट्रंप ने उसका जवाब ईरान के रडार और मिसाइल सेंटर्स को नेस्तनाबूद करके दिया है।

ट्रंप का यह कहना कि 'वे कभी सबक नहीं सीखेंगे', यह दर्शाता है कि वॉशिंगटन अब तेहरान में सत्ता परिवर्तन या पूरी तरह से सैन्य क्रश-डाउन की रणनीति पर विचार कर रहा है। ईरान के लिए यह बेहद नाजुक वक्त है; यदि वह इस हमले के बाद अमेरिका या उसके सहयोगियों (जैसे इजराइल) पर कोई जवाबी पलटवार करता है, तो ट्रंप का यह 'अस्तित्व मिटाने' वाला बयान हकीकत में तब्दील हो सकता है, जो पूरे खाड़ी क्षेत्र को तीसरे विश्व युद्ध की आग में झोंक देगा।



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