ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में कच्चे तेल के टैंकर पर ड्रोन अटैक के बाद CENTCOM का बड़ा एक्शन

by on | 2026-06-28 12:44:09

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3111


अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में कच्चे तेल के टैंकर पर ड्रोन अटैक के बाद CENTCOM का बड़ा एक्शन

वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में एक बार फिर युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में पनामा के झंडे वाले एक बड़े तेल टैंकर पर शनिवार को हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य एक्शन लिया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के भीतर कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में कारोबारी जहाजों के खिलाफ ईरान की 'लगातार आक्रामक गतिविधियों' के सीधे जवाब में की गई है।

1. ईरान के इन ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के भीतर चुन-चुनकर उन ठिकानों को तबाह किया है, जहां से अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले की साजिश रची जा रही थी। इनमें शामिल हैं:

  • सैन्य साजो-सामान के डिपो (Military Logistics Nodes)

  • कम्युनिकेशन सिस्टम (सैन्य संचार प्रणाली)

  • एयर डिफेंस सिस्टम (वायु रक्षा प्रणाली)

  • ड्रोन स्टोरेज और लॉन्चिंग पैड

2. 'एम/टी किकू' पर हमले के बाद भड़का अमेरिका

अमेरिकी गुस्से की मुख्य वजह शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास पनामा के झंडे वाले एक कमर्शियल टैंकर 'एम/टी किकू' (M/T KIKU) पर हुआ ड्रोन हमला है।

सेंटकॉम ने अपने बयान में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

"ईरान को युद्धविराम समझौते का सम्मान करने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन उसने इस मौके को गंवा दिया। उसकी सेना ने एकतरफा हमला करने वाले आत्मघाती ड्रोन (One-way Attack Drone) से एम/टी किकू टैंकर पर हमला किया। इस टैंकर में 20 लाख (2 मिलियन) बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा हुआ था, जिससे एक बड़ा पर्यावरणीय और आर्थिक संकट खड़ा हो सकता था।"

3. होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही जारी, ईरान मौन

अमेरिका ने साफ किया है कि इस तनाव के बावजूद वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद संवेदनशील 'होर्मुज स्ट्रेट' के समुद्री रास्ते को बंद नहीं होने दिया जाएगा और वहां से कारोबारी जहाजों की आवाजाही सुरक्षित तरीके से जारी है। वहीं, अमेरिका के इन ताजा हमलों पर ईरान की सरकार या उसकी सेना (IRGC) की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।

24 टेक

मिडिल ईस्ट में युद्धविराम के समझौतों और शांति वार्ताओं के दावों के बीच अमेरिका का सीधे ईरान की धरती पर बमबारी करना यह दिखाता है कि लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट का समुद्री रास्ता इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। 'एम/टी किकू' जैसे विशालकाय कच्चे तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला करके ईरान ने सीधे तौर पर वैश्विक तेल सप्लाई चेन को ठप करने की कोशिश की, जिसे अमेरिका ने अपनी सुपरपावर वाली छवि और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला माना।

ईरान की तरफ से इस हमले पर फिलहाल साधी गई चुप्पी बेहद रहस्यमयी और खतरनाक है। मुमकिन है कि ईरान इस बड़े नुकसान का आकलन कर रहा हो या फिर वह अपने प्रॉक्सी संगठनों (जैसे हूती या हिजबुल्लाह) के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगियों पर किसी बड़े जवाबी पलटवार की तैयारी में हो। 20 लाख बैरल तेल ले जा रहे जहाज पर हमला होना यह साफ करता है कि खाड़ी देशों में तनाव अभी खत्म नहीं होने वाला, बल्कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के साथ वैश्विक शेयर बाजारों में भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।



Search
Recent News
Popular News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment