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हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सख्त: खनवर नवादा में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10 को नोटिस

by on | 2026-06-26 18:12:10

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सख्त: खनवर नवादा में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10 को नोटिस

बलिया । इलाहाबाद हाईकोर्ट केआदेश के बाद बलिया के रसड़ा तहसील प्रशासन ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रसड़ा तहसील क्षेत्र के खनवर नवादा गांव में वर्षों से लंबित अतिक्रमण के इस बड़े मामले में प्रशासन ने अब कथित कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर सरकारी भूमि खाली करने का अंतिम अल्टीमेटम दे दिया है।

​तहसीलदार न्यायालय द्वारा पहले ही बेदखली के आदेश पारित किए जा चुके थे, लेकिन जमीन खाली न होने पर अब प्रशासन ने बलपूर्वक कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

इन सरकारी जमीनों पर है बरसों से कब्जा

​शिकायत और राजस्व अभिलेखों के अनुसार, गांव की इन बेशकीमती सार्वजनिक जमीनों पर मकान, सहन और अन्य पक्के निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है:

  • गाटा संख्या-599: सरकारी खलिहान (रकबा 0.1380 हेक्टेयर)
  • गाटा संख्या-594: ताल पोखरी (रकबा 0.9950 हेक्टेयर)
  • गाटा संख्या-653: चकमार्ग (सार्वजनिक रास्ता)

आरोप है कि अतिक्रमणकारियों ने सार्वजनिक रास्ते को पूरी तरह बाधित कर रखा है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही, ताल पोखरी की मेड़बंदी और सुंदरीकरण के सरकारी कार्य में भी लगातार बाधा डाली जा रही है।

पैमाइश के बाद भी नहीं हटा कब्जा, हाईकोर्ट में अवमानना याचिका

​मामले के शिकायतकर्ता मनोज कुमार भारती का कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में सीमांकन और पैमाइश कर खूंटे गाड़े जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। प्रशासनिक स्तर पर हीलाहवाली को देखते हुए उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवमानना याचिका (Contempt Petition) भी दाखिल की है, जिसके बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह हरकत में आया है।

25 जुलाई तक का अल्टीमेटम, इन 10 लोगों को नोटिस जारी

​तहसीलदार रसड़ा ने २४ जून २०२६ को नोटिस जारी कर गांव के १० प्रमुख लोगों को २५ जुलाई २०२६ तक सरकारी खलिहान से स्वतः अतिक्रमण हटाने का कड़ा निर्देश दिया है। नोटिस पाने वालों में शामिल हैं:

​राम केसर, नंदलाल, बनारसी, शिवलाल, सूबेदार, अकालू, हीरा, गिरधारी, हीरा (द्वितीय) तथा केशव (सभी निवासी: ग्राम खनवर नवादा, परगना सिकंदरपुर गर्वी, तहसील रसड़ा)।


प्रशासन की दोटूक चेतावनी: 'खर्च और नुकसान भी कब्जाधारियों से वसूला जाएगा'

​प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि:

  1. ​यदि २५ जुलाई तक कब्जा खुद नहीं हटाया गया, तो राजस्व और पुलिस बल की मौजूदगी में बलपूर्वक बुल्डोजर कार्रवाई/बेदखली की जाएगी।
  2. ​इस कार्रवाई में आने वाले प्रशासनिक खर्च और क्षतिपूर्ति की धनराशि भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से ही वसूली (रिकवरी) जाएगी।

बेबाक नजरिया

​सरकारी भूमि पर वर्षों से जमे इस अवैध कब्जे और अब प्रशासन के इस सख्त रुख ने पूरे रसड़ा क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। क्षेत्र में यह मामला भारी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि २५ जुलाई की समयसीमा बीतने के बाद क्या रसड़ा प्रशासन सचमुच इस सरकारी खलिहान, ताल पोखरी और चकमार्ग को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा पाता है, या यह मामला कागजी कार्रवाई में ही उलझा रहेगा?

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