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यूपी में दो तरह के एनकाउंटर: 'हाफ' या 'साफ'? अपराधियों पर नकेल पर पुलिस की साख पर सवाल!

by admin@bebak24.com on | 2026-06-26 11:45:54

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यूपी में दो तरह के एनकाउंटर: 'हाफ' या 'साफ'? अपराधियों पर नकेल पर पुलिस की साख पर सवाल!

बलिया । उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर नकेल कसने का दावा करने वाली योगी सरकार की 'ठोको नीति' एक बार फिर चर्चा में है। कभी एनकाउंटर के किस्से कहानियों में सुने जाते थे, लेकिन आज यूपी पुलिस की बंदूकें अनवरत गरज रही हैं। फर्क सिर्फ इतना रह गया है कि कभी गोलियां गुंडे चलाते थे, आज पुलिस चला रही है। सोशल मीडिया पर अब 'हाफ एनकाउंटर' (पैर में गोली मारना) और 'फुल एनकाउंटर' (साफ कर देना) को लेकर बहस छिड़ गई है।

​हाल ही में ग़ाज़ीपुर में हुए कमलेश चौधरी के एनकाउंटर पर सोशल मीडिया पर खूब बवाल कटा, वहीं भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर भी गंभीर आरोप लगे कि पुलिस ने सरेंडर के बाद पकड़कर गोली मारी। भोजपुरिया सोशल मीडिया इन दिनों पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर सुलगते सवालों से गर्म है। आरोप लग रहे हैं कि क्या पुलिस पकड़कर घुटनों के नीचे या सीने में स्क्रिप्टेड गोलियां दाग रही है?

​इसी बीच, बीती रात बलिया से एक और एनकाउंटर की खबर सामने आई है, जिसने इस बहस को और हवा दे दी है।

​आधी रात को 'हाफ एनकाउंटर': बलिया पुलिस की गिरफ्त में हिस्ट्रीशीटर डब्लू

स्थान: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, शिवरामपुर घाट रोड, बलिया

समय: शुक्रवार, 26 जून 2026, रात करीब 12:30 बजे

​बलिया कोतवाली पुलिस की मुठभेड़ में एक और शातिर अपराधी के पैर में गोली लगी है, जिसे पुलिसिया जुबान में 'हाफ एनकाउंटर' कहा जा रहा है।

एएसपी दक्षिणी, संजय वर्मा के मुताबिक:

"कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर पुलिस चेकिंग के दौरान एक हिस्ट्रीशीटर के साथ मुठभेड़ हुई। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।"

​मुठभेड़ की इनसाइड स्टोरी: कैसे लगी पैर में गोली?

​पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि फेफना थाने से गोतस्करी का वांछित अभियुक्त एक बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी से महावीर घाट से शिवरामपुर घाट की तरफ जा रहा है।

घेराबंदी और पीछा: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के पास पुलिस ने जब स्कॉर्पियो को रोकने का इशारा किया, तो बदमाश गाड़ी घुमाकर किनाराम घाट की तरफ भागने लगा।


बदमाश की फायरिंग: खुद को घिरता देख बदमाश ने गाड़ी से उतरकर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से सीधे फायर झोंक दिया।


जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोली चलाई, जो सीधे बदमाश के दाहिने पैर में जा लगी।


​कौन है घायल बदमाश?

​पकड़ा गया बदमाश मदन मोहन उर्फ डब्लू (पुत्र कृष्ण कुमार यादव, उम्र 27 वर्ष) निवासी इच्छा चौबे का पूरा, थाना नरही, जनपद बलिया का रहने वाला है।

अपराधिक इतिहास और बरामदगी:

​घायल बदमाश थाना नरही का हिस्ट्रीशीटर है और फेफना थाने से गोतस्करी के मामले में वांछित था।


​डब्लू के खिलाफ कुल 18 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।


​मौके से पुलिस ने एक अदद तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और बिना नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है।


​बेबाक सवाल: साख पर बट्टा या खौफ का राज?

​बलिया पुलिस फिलहाल आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है और अपराधी अस्पताल के बेड पर है। लेकिन जनता के बीच ये सवाल जस का तस बना हुआ है— क्या ये मुठभेड़ वाकई ऑन-स्पॉट डिफेंस थी, या फिर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के मुताबिक पहले से तय 'पैर में गोली' वाली स्क्रिप्ट? अपराधियों में कानून का खौफ जरूरी है, लेकिन जब पुलिस की साख पर ही सवाल उठने लगें, तो न्याय प्रणाली के मायने बदलने लगते हैं।



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