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झांसी किला मैदान से गरजे सीएम योगी: 'योग सिर्फ सेहत की चाबी नहीं, युवाओं के लिए रोजगार का नया आसमान है'

by on | 2026-06-21 20:00:27

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झांसी किला मैदान से गरजे सीएम योगी: 'योग सिर्फ सेहत की चाबी नहीं, युवाओं के लिए रोजगार का नया आसमान है'


झांसी/वाराणसी (बेबाक 24 ब्यूरो): 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के ऐतिहासिक मौके पर रविवार को वीरों की नगरी झांसी का किला मैदान पूरी तरह से योगमय नजर आया। खण्डेराव गेट के पास बने विशाल मैदान में जब हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया, तो वहां से अनुशासन, स्वास्थ्य और सकारात्मकता की एक ऐसी लहर उठी जिसने पूरे प्रदेश को संदेश दिया। इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन का नेतृत्व खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। उन्होंने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लेने के बाद जनसमुदाय को संबोधित करते हुए दो-टूक शब्दों में कहा कि योग भारत की वह अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है, जिसने आज पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोया है।

​पीएम मोदी की दूरदर्शिता से योग को मिला वैश्विक मंच

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में साफ कहा कि आज अगर पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन परंपरा के आगे नतमस्तक है और इसे अपना रही है, तो इसका पूरा श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।

​"हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा को वैश्विक मंच पर वो पहचान दिलाई जिसके वह हकदार थी। उनके ही भगीरथ प्रयासों का नतीजा है कि संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दी और आज दुनिया का शायद ही कोई ऐसा कोना हो, जहां योग दिवस का उत्साह न दिख रहा हो।"

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उ.प्र.)


​सीएम ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री हर साल योग दिवस को एक नई ऊंचाई देने के लिए खुद कमान संभालते हैं। उनका संकल्प है कि योग सिर्फ बंद कमरों या चुनिंदा लोगों का अभ्यास न रहे, बल्कि यह जन-जन की जीवनशैली का हिस्सा बने।

​विकसित भारत के संकल्प का 'पावर हाउस' बनेगा स्वस्थ नागरिक

​'बेबाक 24' की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने देश के 140 करोड़ नागरिकों को याद दिलाया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो 'विकसित भारत' का संकल्प लिया गया है, उसकी असली बुनियाद देश का स्वास्थ्य है।

  • क्षमता का सही उपयोग: अगर देश का हर नागरिक शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहेगा, तभी वह राष्ट्र निर्माण में अपनी क्षमता का 100% योगदान दे पाएगा।
  • तनाव और अवसाद से मुक्ति: योग कोई साधारण एक्सरसाइज नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को बैलेंस करने का विज्ञान है जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं को तनाव और अवसाद से दूर रखता है।

​युवाओं के लिए खुला नौकरियों और स्वरोजगार का बड़ा बाजार

​इस आयोजन की सबसे बड़ी बात जो सीएम योगी ने रेखांकित की, वह थी युवाओं के लिए योग के जरिए खुलते नए दरवाजे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने योग को वैश्विक बनाकर भारतीय युवाओं के लिए पूरी दुनिया में संभावनाओं का एक नया सेक्टर खड़ा कर दिया है।

​आज विदेशों में भारतीय योग प्रशिक्षकों (Yoga Instructors) की डिमांड तेजी से बढ़ी है। योग अब सिर्फ सेहत सुधारने का जरिया नहीं, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार (Employment & Self-employment) का एक बेहद मजबूत और सम्मानजनक साधन बन चुका है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे योग को पेशेवर तरीके से अपनाएं और इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करें।

​आयुष मंत्रालय की ताकत और 'करें योग, रहें निरोग' की गूंज

​मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि पहली बार देश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सम्मान देते हुए आयुष मंत्रालय को एक मजबूत आधार दिया गया। आज आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी हमारी प्राचीन विधाएं दुनिया भर में डंका बजा रही हैं। इस मौके पर मंच पर प्रदेश के आयुष मंत्री की मौजूदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार योग को हर गांव, हर घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

​बेबाक राय:

​झांसी के ऐतिहासिक किले की छांव में गूंजा "करें योग, रहें निरोग" का यह नारा सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि बदलते भारत की एक नई तस्वीर है। वीरभूमि से उठा यह संदेश साफ है—एक स्वस्थ समाज ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। अब जिम्मेदारी युवाओं की है कि वे इस सांस्कृतिक विरासत को अपनी तरक्की का जरिया बनाएं।



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