ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
ताजा खबर ताजा खबर

पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव: लेबनान पर हमलों के बाद ईरान ने बंद किया होर्मुज जलमार्ग

by on | 2026-06-20 20:27:30

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3185


पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव: लेबनान पर हमलों के बाद ईरान ने बंद किया होर्मुज जलमार्ग

​तेहरान/वाशिंगटन | पश्चिम एशिया से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक युद्ध-विराम के महज कुछ ही दिनों बाद, ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक जहाजों की आवाजाही के लिए एक बार फिर पूरी तरह बंद करने का एलान कर दिया है।

​ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने सरकारी टेलीविजन पर बयान जारी कर इस फैसले की घोषणा की। ईरान के इस आक्रामक कदम के पीछे शनिवार को लेबनान में इस्राइली सेना द्वारा किए गए ताबड़तोड़ हवाई हमले हैं, जिसमें दो बच्चों समेत कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। ईरान ने इन हमलों पर सख्त नाराजगी जताते हुए इसे समझौते की शर्तों का उल्लंघन बताया है।

​खतरे में 'इस्लामाबाद समझौता': 111 दिनों की जंग के बाद हुआ था युद्ध-विराम

​गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 111 दिनों तक चली भीषण जंग के बाद दोनों देशों ने हाल ही में 14 बिंदुओं वाले एक अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे 'इस्लामाबाद समझौता' नाम दिया गया है।

• ​समझौते में पेच: इस शांति समझौते में इस्राइल शामिल नहीं था।

​• नेतन्याहू का अड़ियल रुख: इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे लेबनान से ईरानी समर्थित ताकतों को पीछे धकेले बिना हमले नहीं रोकेंगे।

• ​अमेरिका पर भड़का ईरान: ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान (खतम-अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर) का कहना है कि दक्षिणी लेबनान पर इस्राइली हमले दरअसल अमेरिका के साथ हुए समझौते की पहली धारा का खुला उल्लंघन हैं।

​ईरानी सैन्य कमान की दोटूक चेतावनी:

​"होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए पूरी तरह बंद किया जाता है। यह अमेरिका-इस्राइल द्वारा किए गए वादों के उल्लंघन का पहला जवाब है। अगर यह आक्रामकता तुरंत नहीं रुकी, तो दुश्मन को उसकी जिम्मेदारियों का पालन कराने के लिए ईरान इससे भी कड़े कदम उठाने पर मजबूर होगा।"

​वाशिंगटन पर दबाव बनाने की रणनीति, स्विट्जरलैंड रवाना हुआ ईरानी दल

​राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान द्वारा होर्मुज के वैश्विक व्यापारिक मार्ग को बंद करना सीधे तौर पर बाइडन/ट्रंप प्रशासन पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि अमेरिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इस्राइल को युद्ध रोकने के लिए मजबूर करे।

​इस बीच तनाव को सुलझाने के लिए कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल तेज हो गई है:

• ​स्विट्जरलैंड वार्ता: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि ईरान का एक उच्चस्तरीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल तत्काल स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुका है।

• ​ईरान का रुख: फार्स और मेहर न्यूज एजेंसियों के मुताबिक, स्विट्जरलैंड में होने वाली इस आपातकालीन बैठक में ईरान दूसरी पार्टी पर अंतरिम समझौते के तहत किए गए वादों को तुरंत लागू करने का दबाव बनाएगा। ईरान ने साफ किया है कि अगर अमेरिका अपने वादे पूरे करने में नाकाम रहता है, तो ईरान सैन्य स्तर पर कड़ा जवाब देगा।

​बेबाक24 टेक

​होर्मुज जलडमरूमध्य का दोबारा बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक सुरक्षा, दोनों के लिए एक बड़ा रेड अलर्ट है। यह जलमार्ग पूरी दुनिया की लाइफलाइन है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। 111 दिनों की लंबी जंग के बाद जब दुनिया ने राहत की सांस ली थी, तब इस्राइल और लेबनान के बीच भड़की इस ताजा हिंसा ने पूरी शांति प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया है।

​कूटनीतिक चश्मे से देखें तो 'इस्लामाबाद समझौता' अपनी पैदाइश के वक्त से ही कमजोर था क्योंकि इसमें इस्राइल जैसे मुख्य किरदार को शामिल नहीं किया गया था। ईरान अब तेल की सप्लाई लाइन को ब्लॉक करके वैश्विक बाजार में हड़कंप मचाना चाहता है, ताकि अमेरिका घरेलू आर्थिक दबाव में आकर इस्राइल के हाथ बांधने पर मजबूर हो जाए। यदि स्विट्जरलैंड में होने वाली इस आपातकालीन वार्ता में अमेरिका और ईरान किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचते हैं, तो यह मानकर चलिए कि पश्चिम एशिया एक बार फिर ऐसी भीषण जंग की आग में झुलस सकता है, जिसका असर भारत सहित पूरी दुनिया की जेब पर पड़ेगा।



Search
Recent News
Popular News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment