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शशि थरूर का बयान: पीएम मोदी को बताया 'जबरदस्त वक्ता', संघवाद और आपसी फूट पर जताई चिंता

by on | 2026-06-19 21:36:46

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शशि थरूर का बयान: पीएम मोदी को बताया 'जबरदस्त वक्ता', संघवाद और आपसी फूट पर जताई चिंता

​नई दिल्ली | कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, उनके लंबे कार्यकाल और वक्तृत्व कला की जमकर सराहना की। पीएम मोदी के देश में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक मील के पत्थर पर बोलते हुए थरूर ने उन्हें भारतीय राजनीति का एक जबरदस्त वक्ता करार दिया।


​हालांकि, प्रशंसा के साथ-साथ कांग्रेस सांसद ने देश में सांप्रदायिक बंटवारे, संवैधानिक संस्थाओं के कमजोर होने और दक्षिण भारत में संघवाद को लेकर बढ़ रही चिंताओं पर भी अपनी बेबाक राय रखी।

​'देश ने जितने बेहतरीन वक्ता देखे, मोदी उनमें से एक' — थरूर

​शशि थरूर ने पीएम मोदी की कार्यशैली और उनकी जन-संवाद शैली की खुलकर तारीफ करते हुए कहा:

​"हम सभी को यह मानना होगा कि पीएम मोदी के भीतर बहुत ज्यादा उत्साह, ऊर्जा और एक स्पष्ट सोच है। आप उस सोच से सहमत हों या असहमत, लेकिन वे अपनी बात को बहुत प्रभावी ढंग से रखते हैं। वे एक जबरदस्त वक्ता हैं। शायद हिंदी भाषा में इस देश ने अब तक जितने भी बेहतरीन वक्ता देखे हैं, पीएम मोदी निश्चित रूप से उनमें से एक हैं।"

​थरूर ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पीएम मोदी की मौजूदगी बेहद प्रभावशाली है और उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था, राजनीति और विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने माना कि पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल में कई काम बिल्कुल सही किए हैं।

सकारात्मक कदमों के साथ नकारात्मक पहलुओं पर भी घेरा

​प्रधानमंत्री की तारीफ करने के साथ ही शशि थरूर ने विपक्ष के नेता के तौर पर सरकार की नीतियों और देश के मौजूदा माहौल पर गंभीर सवाल भी उठाए:

​सांप्रदायिक बंटवारा: थरूर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में आपसी फूट और सांप्रदायिक विभाजन बढ़ा है। सत्ताधारी दल और उनके समर्थकों द्वारा दिए जा रहे बयानों से देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है।

​संस्थाओं को खोखला करने का आरोप: कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले बारह वर्षों के दौरान देश की स्वतंत्र और स्वायत्त लोकतांत्रिक संस्थाओं को लगातार कमजोर और खोखला किया गया है, जो एक वास्तविक चिंता का विषय है।

​दक्षिण भारत और संघवाद: थरूर ने दक्षिण भारतीय राज्यों का पक्ष रखते हुए कहा कि देश के दक्षिणी हिस्से में लोग संघवाद के भविष्य और उसके अस्तित्व को लेकर गहरे तनाव और चिंता में हैं।

​Bebak24 टेक

​शशि थरूर को भारतीय राजनीति में उनके संतुलित और बौद्धिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है, और पीएम मोदी पर उनका यह समग्र बयान इसी कूटनीतिक परिपक्वता का उदाहरण है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी संसद से लेकर सड़क तक सरकार पर आक्रामक रहती है, वहीं थरूर का पीएम मोदी को बुनियादी ढांचे और वक्तृत्व कला के मोर्चे पर देश के सर्वश्रेष्ठ नेताओं में गिनना यह दिखाता है कि वे रचनात्मक आलोचना पर भरोसा रखते हैं।

​कूटनीतिक और राजनीतिक चश्मे से देखें तो थरूर का यह बयान बहुत सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। मोदी को बेहतरीन वक्ता और विकास पुरुष मानकर वे पहले जनता के बीच अपनी तटस्थता और विश्वसनीयता स्थापित करते हैं, और फिर उसके तुरंत बाद सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, संघवाद और संस्थाओं के क्षरण जैसे मुद्दों को उठाकर सरकार पर अचूक हमला बोलते हैं। दक्षिण भारत में संघवाद की चिंता का जिक्र करके उन्होंने आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए एक बड़ा क्षेत्रीय विमर्श भी खड़ा कर दिया है।



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