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आजाद बिन्द हत्याकांड: 1 लाख के इनामी भोले राजभर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 60 दिनों तक गिरफ्तारी पर रोक

by on | 2026-06-19 20:13:45

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आजाद बिन्द हत्याकांड: 1 लाख के इनामी भोले राजभर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 60 दिनों तक गिरफ्तारी पर रोक

खेतासराय/जौनपुर।

जौनपुर के चर्चित आजाद बिन्द दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपी भोले राजभर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने आरोपी को कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने का मौका देते हुए अगले 60 दिनों तक उसकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि, अदालत ने आरोपी की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने खिलाफ दर्ज हत्या के मुकदमे (FIR) को रद्द करने की मांग की थी।

मुकदमा रद्द करने की मांग खारिज

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सारण की खंडपीठ ने भोले राजभर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उसे राजनीतिक द्वेष और व्यक्तिगत साजिश के तहत इस मामले में झूठा फंसाया गया है, इसलिए एफआईआर को निरस्त किया जाए। दूसरी ओर, राज्य सरकार के शासकीय अधिवक्ता ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं और पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है, ऐसे में उसे कोई राहत नहीं मिलनी चाहिए।

​अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया मामला ऐसा नहीं है जिसे निरस्त किया जा सके। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया, लेकिन आरोपी को सरेंडर करने की मोहलत दी है।

कोर्ट का आदेश: "यदि आरोपी पहले से गिरफ्तार नहीं है, तो अगले 60 दिनों तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं करेगी। इस अवधि के भीतर आरोपी को संबंधित निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर नियमित या अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना होगा।"


समय सीमा बीतने पर बढ़ेगी सख्ती

हाईकोर्ट ने साफ किया है कि यदि भोले राजभर तय 60 दिनों के भीतर अदालत में आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसे मिला यह कानूनी संरक्षण स्वतः ही समाप्त हो जाएगा। इसके बाद जौनपुर पुलिस उसके खिलाफ कुर्की और गिरफ्तारी समेत सभी दंडात्मक कदम उठाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होगी। इस आदेश के बाद अब पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों की नजरें आरोपी के अगले कदम पर टिकी हैं।



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