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अंधविश्वास के फेर में बुजुर्ग की हत्या, वाराणसी पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश

by on | 2026-06-17 21:09:45

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अंधविश्वास के फेर में बुजुर्ग की हत्या, वाराणसी पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश

वाराणसी। महानगर के चौक थाना क्षेत्र में सोमवार को हुई बुजुर्ग राजन की सनसनीखेज हत्या के मामले का वाराणसी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य साजिशकर्ता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हत्या में प्रयुक्त अवैध असलहा बरामद किया है। प्राथमिक पूछताछ में हत्या की वजह खौफनाक अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का शक सामने आई है।

​परिजनों की मौत का प्रतिशोध: आरोपी का कबूलनामा

​एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुख्य अभियुक्त विशाल भारतीय, विकास विश्वकर्मा, सुजीत वाल्मीकि और कृष्णा वाल्मीकि के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी विशाल भारतीय ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से उसके परिवार में लगातार रहस्यमयी मौतें हो रही थीं। विशाल को अंदेशा था कि मृतक राजन उसके परिवार पर 'जादू-टोना' और तंत्र-मंत्र कर रहा था। इसी खौफ और प्रतिशोध के वशीभूत होकर उसने राजन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

गिरफ्तार अभियुक्त:

  1. ​विशाल भारतीय (मुख्य साजिशकर्ता)
  2. ​विकास विश्वकर्मा (सह-साजिशकर्ता/मुखबिर)
  3. ​सुजीत वाल्मीकि (शूटर)
  4. ​कृष्णा वाल्मीकि (शूटर)


​सुनियोजित तरीके से दी गई वारदात को अंजाम

​पुलिस तफ्तीश के अनुसार, सोमवार को इस हत्याकांड को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। वारदात के वक्त विशाल और विकास विश्वकर्मा ने इलाके में रेकी कर मुखबिरी की थी। जैसे ही सही मौका मिला, सुजीत और कृष्णा वाल्मीकि ने पिस्टल से राजन पर ताबड़तोड़ दो गोलियां दाग दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

​पुलिस को गुमराह करने के लिए 'भूत' का नाटक

​अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद जब मुख्य आरोपी विशाल से कड़ाई से पूछताछ शुरू की गई, तो उसने बचने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया। उसने दावा किया कि उसके ऊपर उसके दिवंगत पिता का भूत आता है और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। हालांकि, पुलिसिया पूछताछ और मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे उसकी यह कहानी टिक नहीं सकी और उसने जल्द ही स्वीकार कर लिया कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वह केवल नाटक कर रहा था।

​अवैध असलहे के स्रोत की जांच में जुटी पुलिस

​पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से दो एक ही कॉलोनी के निवासी हैं, जबकि दो अन्य मंडूवाडीह थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। ये चारों आपस में गहरे दोस्त हैं। पुलिस ने इनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल बरामद कर ली है। अब पुलिस प्रशासन इस बात की गहनता से पड़ताल कर रहा है कि आरोपियों तक यह अवैध हथियार किस माध्यम से और किसके द्वारा पहुंचाया गया था। इस मामले में शस्त्र अधिनियम के तहत भी कठोर कार्रवाई की जा रही है।



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