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मोदी-ट्रंप बैठक: ईरान डील, नाविकों की सुरक्षा और सैन्य मदद पर बड़ा एलान

by admin@bebak24.com on | 2026-06-17 20:42:08

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मोदी-ट्रंप बैठक: ईरान डील, नाविकों की सुरक्षा और सैन्य मदद पर बड़ा एलान

एवियन (फ्रांस): फ्रांस के एवियन में चल रहे 52वें जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता से कई ऐतिहासिक और रणनीतिक फैसले सामने आए हैं। इस बैठक के दौरान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और पश्चिम एशिया संकट को लेकर दोनों महाशक्तियों के बीच गहन मंथन हुआ।


बड़ी बातें: मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य अंश


1. 'लिखित समझौते के बिना भी भारत के साथ खड़ा रहेगा अमेरिका'

साझा प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की सुरक्षा को लेकर एक अभूतपूर्व बयान दिया:

"अगर भारत पर कभी भी कोई बाहरी हमला होता है, तो अमेरिका पूरी ताकत के साथ भारत के साथ खड़ा रहेगा, भले ही इसके लिए दोनों देशों के बीच कोई लिखित सैन्य समझौता (Written Agreement) न हो। भारत हर वैश्विक मामले में एक बड़ी भूमिका निभाता है। जब तक नरेंद्र मोदी भारत के नेता हैं, तब तक वैश्विक मंच पर भारत की यह बड़ी भूमिका तय है। मैं बहुत जल्द भारत का दौरा भी करूंगा।"

2. नाविकों की सुरक्षा पर पीएम मोदी का सख्त रुख

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकेबंदी के दौरान मारे गए तीन भारतीय नाविकों का मुद्दा उठाते हुए पीएम मोदी ने दोटूक शब्दों में कहा:

"हमने हमेशा यह स्टैंड लिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्रों में जहाजों की आवाजाही की आजादी (Freedom of Navigation) हर हाल में पक्की होनी चाहिए। दुनिया के अलग-अलग महासागरों में लाखों भारतीय नाविक मर्चेंट नेवी में काम कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुझे पूरा भरोसा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले नए समझौते में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाएगा।"

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने माना कि मर्चेंट नेवी बेहद कठिन पेशा है और वाशिंगटन इस सुरक्षा चूक पर गंभीरता से काम कर रहा है।

3. 'मोदी अपनी शर्तें मनवाने में बेहद सख्त' — ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की कूटनीतिक शैली की तारीफ करते हुए उन्हें 'टफ नेगोशिएटर' बताया। ट्रंप ने कहा, "वे लंबे समय से मेरे दोस्त हैं। वे बाहर से बहुत शांत और संयमित दिखते हैं, लेकिन जब बात अपने देश के हितों और ट्रेड डील की आती है, तो वे अपनी शर्तें मनवाने में बेहद सख्त हो जाते हैं।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि पीएम मोदी इस समय अमेरिका में काफी निवेश कर रहे हैं और वहां फैक्ट्रियां लगवा रहे हैं, जिसके लिए अमेरिकी प्रशासन उनकी सराहना करता है।

पश्चिम एशिया और ईरान पर बड़ा घटनाक्रम

  • ऐतिहासिक अमेरिका-ईरान डील: जी7 के मंच पर अमेरिका और ईरान के बीच एक नई ऐतिहासिक डील का खाका तैयार हुआ है। जी7 नेताओं ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि यह तेहरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने का आखिरी मौका है।

  • ट्रंप की चेतावनी: ट्रंप ने साफ किया, "अगर ईरान इस नए समझौते पर दस्तखत नहीं करता, तो हम उन पर दोबारा सैन्य हमला करेंगे। उनके पास कोई नौसेना नहीं बची है और वे डील के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

  • कच्चे तेल की कीमतें: ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पर प्रतिबंधों और नई व्यवस्था के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से गिर रही हैं और जल्द ही चार महीने पुराने निचले स्तर पर आ जाएंगी।

जी7 के अन्य मंचों से पीएम मोदी के बड़े कूटनीतिक प्रस्ताव

बैठक/सत्रप्रमुख घोषणाएं और प्रस्ताव
आउटरीच सत्र (Outreach Session)पीएम मोदी ने वैश्विक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 'IMPACT' (International Mobilization Partnership for Accelerating Connectivity and Trade) नाम से एक नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे का प्रस्ताव रखा।
जीडीपी (GDP) पर बयानपीएम मोदी ने दुनिया को संदेश दिया कि किसी देश की तरक्की सिर्फ जीडीपी या व्यापार के आंकड़ों से नहीं आंकी जा सकती। असली विकास संतुलित, समावेशी और टिकाऊ होना चाहिए।
जर्मनी के साथ द्विपक्षीय बैठकपीएम मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ फलदायी मुलाकात की। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिफेंस, आईटी और सर्कुलर इकोनॉमी पर मिलकर काम करने पर सहमति बनी।
यूरोपीय संघ (EU) के साथ महाडीलयूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एलान किया कि भारत और ईयू (EU) इस साल के आखिर तक 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' (FTA) पर अंतिम हस्ताक्षर कर देंगे।

Bebak24 टेक

जी7 के मंच से आई यह तस्वीरें और बयान भारतीय कूटनीति की एक बहुत बड़ी जीत को दर्शाते हैं। एक तरफ जहां अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) जैसी महाशक्तियां भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और अरबों डॉलर के निवेश को अंतिम रूप दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा के मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप का यह कहना कि 'बिना किसी लिखित समझौते के भी अमेरिका भारत की सैन्य मदद करेगा', चीन और पाकिस्तान को सीधे तौर पर बैकफुट पर धकेलने वाला बयान है।

हालांकि, भारत ने इस महामंच पर केवल सुरक्षा के वादे नहीं लिए, बल्कि एक 'ग्लोबल लीडर' की तरह अपनी शर्तें भी तय कीं। पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने सीधे तौर पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के कारण मारे गए भारतीय नाविकों की मौत का जवाब मांगा और ईरान डील में भारतीय क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बनाया। यह दिखाता है कि आज का भारत अंतरराष्ट्रीय दबावों के आगे झुकने के बजाय अपनी शर्तों पर वैश्विक कूटनीति की दिशा तय कर रहा है।



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