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मोदी-ट्रंप महाबैठक: 'भारत पर हमला हुआ, तो अमेरिका करेगा मदद'— ट्रंप का बड़ा बयान

by admin@bebak24.com on | 2026-06-17 20:35:33

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मोदी-ट्रंप महाबैठक: 'भारत पर हमला हुआ, तो अमेरिका करेगा मदद'— ट्रंप का बड़ा बयान

एवियन (फ्रांस): फ्रांस के एवियन में चल रहे 52वें जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के इतर बुधवार (17 जून) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक (Bilateral Meeting) संपन्न हुई। इस महाबैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के पक्ष में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा और रणनीतिक बयान देते हुए कहा कि यदि पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान भारत पर कोई भी बाहरी हमला होता है, तो अमेरिका पूरी ताकत के साथ भारत की मदद के लिए खड़ा रहेगा।

पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक स्तर पर जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) के बीच ट्रंप का यह आश्वासन भारत-अमेरिका के सामरिक रिश्तों को एक नए और अभूतपूर्व शिखर पर ले जाने वाला माना जा रहा है।

'मोदी बाहर से शांत, लेकिन बातचीत में बेहद सख्त' — ट्रंप ने की जमकर तारीफ

बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता, दृढ़ता और कार्यशैली की जमकर सराहना की। ट्रंप ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा:

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बेहद मजबूत, शांत और जबरदस्त नेता हैं। वे बाहर से जितने शांत और संयमित दिखाई देते हैं, बातचीत की मेज पर अपनी शर्तें मनवाने और समझौते करने के मामले में उतने ही सख्त वार्ताकार (Tough Negotiator) हैं। मैं खुद भी पीएम मोदी जितना शांत और संयमित नहीं हूं। उनकी इसी दृढ़ नेतृत्व क्षमता की वजह से भारत वैश्विक मंच पर लगातार आगे बढ़ रहा है।"

होर्मुज संकट: भारतीय नाविकों की मौत पर ट्रंप ने जताया दुख

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए पिछले हफ्ते ओमान तट/होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी के दौरान तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत का गंभीर मुद्दा उठाया।

  • सुरक्षा पर चिंता: पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों पर भारतीय जहाजों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताओं को सीधे ट्रंप के सामने रखा।

  • ट्रंप का आश्वासन: इस संवेदनशील मुद्दे पर दुख व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मैंने इस दुखद घटना के बारे में सुना है। मर्चेंट नेवी बेहद कठिन पेशा है। हम इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और इस पर (सुरक्षा और जांच के मोर्चे पर) काम किया जा रहा है।"

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यह द्विपक्षीय बैठक केवल औपचारिक शिष्टाचार नहीं थी, बल्कि इसमें ठोस सामरिक संदेश छिपे हैं। डोनाल्ड ट्रंप का यह कहना कि 'मोदी के रहते भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका मदद करेगा', सीधा और साफ संदेश चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के लिए एक बड़ा 'डेटरेंस' (प्रतिरोधक) है। ट्रंप का यह बयान दिखाता है कि अमेरिका भारत को वाशिंगटन के सबसे करीबी सैन्य सहयोगियों के समकक्ष देख रहा है।

हालांकि, कूटनीति के चश्मे से देखें तो ट्रंप का यह बयान जितना बड़ा है, उतना ही चतुराई से भरा भी है। ट्रंप ने 'मोदी के रहते' शब्द का इस्तेमाल करके व्यक्तिगत केमिस्ट्री को तो उभारा ही है, साथ ही व्यापारिक मोर्चे पर भारत द्वारा लगाए जाने वाले शुल्कों (Tariffs) पर मोलभाव करने के लिए एक 'रणनीतिक लिवरेज' (Strategic Leverage) भी तैयार कर लिया है।

भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर ट्रंप का रुख रक्षात्मक जरूर रहा, लेकिन ओमान तट पर भारतीय हितों की रक्षा का ठोस आश्वासन मिलना बुधवार की इस महाबैठक में भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत कही जा सकती है।



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