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जयपुर में बवाल: CJP प्रमुख अभिजीत दिपके को थप्पड़ मारा, दो गिरफ्तार

by admin@bebak24.com on | 2026-06-15 21:11:46

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जयपुर में बवाल: CJP प्रमुख अभिजीत दिपके को थप्पड़ मारा, दो गिरफ्तार

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जयपुर के शहीद स्मारक पर बेरोजगारी और पेपर लीक के खिलाफ आयोजित एक बड़े छात्र प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को कुछ अज्ञात युवकों ने सरेआम थप्पड़ मार दिया।

यह घटना सोमवार (15 जून) को उस समय हुई जब प्रदर्शनकारी छात्र दिपके को अपने कंधों पर उठाकर नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।

कंधे पर थे नेता, भीड़ से अचानक आया हाथ

शहीद स्मारक पर सोमवार को नीट (NEET) पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर सैकड़ों की संख्या में युवा और छात्र प्रदर्शन करने जुटे थे। चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:

  • स्वागत के दौरान हमला: जैसे ही सीजेपी (CJP) प्रमुख अभिजीत दिपके प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, उत्साहित समर्थकों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया।

  • अचानक थप्पड़ मारा: इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने आगे बढ़कर दिपके को अचानक थप्पड़ मार दिया।

  • समर्थकों का जवाबी हमला: घटना से भड़के दिपके के समर्थकों ने आरोपी युवकों को मौके पर ही दबोच लिया और उनकी जमकर धुनाई कर दी। स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपियों को भीड़ से छुड़ाया।

NEET धांधली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

यह विरोध प्रदर्शन देश में हाल ही में हुए परीक्षा घोटालों और युवाओं की समस्याओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित किया गया था:

  • इस्तीफे की मांग: प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक विरोधी तख्तियां (Placards) ले रखी थीं। भीड़ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की।

  • बढ़ता जनाधार: जयपुर से पहले बेंगलुरु में भी सीजेपी के इस छात्र आंदोलन को युवाओं का भारी समर्थन मिला था, जिससे यह साफ है कि युवा इन परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं को लेकर बेहद गंभीर हैं।

Bebak24 टेक

शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शनों में इस तरह की हिंसक घटनाएं बेहद निंदनीय हैं। नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधली और बेरोजगारी एक ऐसा संवेदनशील मुद्दा है जिससे देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य जुड़ा है, और इस पर गुस्सा होना स्वाभाविक है। लेकिन इस गुस्से को किसी राजनेता या छात्र नेता पर हमले के रूप में निकालना आंदोलन को भटकाने की साजिश जैसा लगता है।

अभिजीत दिपके पर हुआ यह हमला सुरक्षा व्यवस्था में चूक को भी दर्शाता है। पुलिस को यह जांच करनी चाहिए कि क्या यह हमला किसी राजनीतिक द्वेष के कारण कराया गया था या फिर प्रदर्शन के भीतर ही छात्रों के किसी गुट में आपसी मतभेद था। युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय प्रशासन को पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर पारदर्शी और ठोस कार्रवाई करनी होगी, ताकि छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा बहाल हो सके।



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