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22 राउंड की गिनती के बाद फालता में BJP को मिले करीब 1.5 लाख वोट

by admin@bebak24.com on | 2026-05-24 22:18:46

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22 राउंड की गिनती के बाद फालता में BJP को मिले करीब 1.5 लाख वोट

कोलकाता | पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर दोबारा कराए गए मतदान की गिनती रविवार को पूरी हो गई। 22वें और अंतिम राउंड की समाप्ति के बाद चुनाव आयोग ने भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को भारी मतों से विजयी घोषित किया। इस जीत के साथ ही दक्षिण 24 परगना के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्सव का माहौल है और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया जा रहा है।


इस चुनाव के जो आधिकारिक और चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, वे इस प्रकार हैं:

प्रथम स्थान (विजेता): देबांग्शु पांडा — भाजपा (BJP) — 1,49,666 वोट

द्वितीय स्थान (रनर-अप): शंभू नाथ कुर्मी — सीपीएम (CPIM) — 40,645 vote

तृतीय स्थान: अब्दुर रज्जाक मोल्ला — कांग्रेस (INC) — 10,084 वोट

चतुर्थ स्थान: जहांगीर खान — तृणमूल कांग्रेस (TMC) — 7,783 वोट


जीत का शुद्ध अंतर: भाजपा के देबांग्शु पांडा ने सीपीएम प्रत्याशी को 1,09,021 वोटों के विशाल अंतर से शिकस्त दी है।


"यह मेरी नहीं, फलता की जनता की जीत है" — देबांग्शु पांडा

ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भाजपा विधायक बने देबांग्शु पांडा ने फलता की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा, "चुनाव के दौरान कई जगहों पर डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई और चुनौतियां खड़ी की गईं, लेकिन अंततः फलता की जनता ने बिना डरे लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाया और राष्ट्रवाद को चुना।"


सीएम शुभेंदु अधिकारी का टीएमसी पर तीखा हमला

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस जीत को लोकतंत्र की बहाली बताया। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा:

मॉडल पर तंज: "डायमंड हार्बर मॉडल अब पूरी तरह से 'तृणमूल की हार-बार' मॉडल में बदल चुका है।"

सिंडिकेट राज का अंत: सीएम ने आरोप लगाया कि सत्ता खोने के बाद टीएमसी का असली चेहरा सामने आ गया है, जिसने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर जनता को लूटा और धमकी भरा माहौल बनाया।

15 साल बाद मिली आजादी: उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में तृणमूल ने यहाँ डेढ़ लाख की बढ़त ली थी, लेकिन 15 साल बाद जब लोगों को केंद्रीय बलों की मौजूदगी में स्वतंत्र रूप से वोट डालने की आजादी मिली, तो सच्चाई सबके सामने आ गई। उन्होंने फलता को 'स्वर्णिम फलता' बनाने का वादा किया।

क्यों हुआ था दोबारा मतदान? (विवाद की वजह)

बता दें कि फलता सीट पर पहले 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन उस दौरान भारी तनाव देखा गया था। कई बूथों से शिकायतें आईं थीं कि ईवीएम (EVM) मशीनों के बटनों पर इत्र जैसी चीजें और चिपचिपे टेप लगाए गए थे। इसके अलावा वेब कैमरों के फुटेज से छेड़छाड़ की भी पुष्टि हुई थी। चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की जांच रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी बूथों पर दोबारा वोटिंग (Complete Repoll) कराने का कड़ा फैसला लिया था, जिसका नतीजा आज सामने आया है।

दक्षिण 24 परगना में भाजपा की बड़ी सेंध

​फलता का यह चुनावी परिणाम महज एक उपचुनाव या पुनर्मतदान की जीत नहीं है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल की भावी राजनीति का टर्निंग पॉइंट है। दक्षिण 24 परगना जिला और डायमंड हार्बर का इलाका हमेशा से निवर्तमान सत्ताधारी दल का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। वहां भाजपा उम्मीदवार का करीब डेढ़ लाख वोट पाना और टीएमसी का चौथे नंबर पर खिसक जाना यह साफ करता है कि राज्य में प्रशासनिक निष्पक्षता मिलते ही जमीनी समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। यह परिणाम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की संगठनात्मक पकड़ और राज्य में उनके बढ़ते कूटनीतिक कद पर मुहर लगाता है।



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