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वाराणसी में बदमाशों के हौसले बुलंद: शिवपुर में ग्राम प्रधान की पत्नी से 3 लाख की चेन लूटी, सिगरा पुलिस भी सुस्त!

by on | 2026-04-25 20:31:13

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वाराणसी में बदमाशों के हौसले बुलंद: शिवपुर में ग्राम प्रधान की पत्नी से 3 लाख की चेन लूटी, सिगरा पुलिस भी सुस्त!


वाराणसी। धर्मनगरी काशी में खाकी का इकबाल खत्म होता नजर आ रहा है। बेखौफ बदमाशों ने अब सीधे जनप्रतिनिधियों के परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला शिवपुर थाना क्षेत्र का है, जहां बाइक सवार एक झपट्टा मार बदमाश ने ग्राम प्रधान की पत्नी के गले पर हाथ साफ कर पुलिसिया गश्त के दावों की हवा निकाल दी।

सब्जी लेकर लौट रही महिला पर झपट्टा

​मिली जानकारी के अनुसार, कुड़ी बड़ागांव के ग्राम प्रधान चंदगी यादव की पत्नी आशा यादव मंगलवार शाम करीब 7 बजे बाजार से सब्जी खरीदकर घर लौट रही थीं। वह अपने घर के समीप पहुंची ही थीं कि तभी काल बनकर आए एक गमछाधारी बदमाश ने उनके गले से करीब 22 ग्राम की सोने की चेन झपट ली।

बहादुरी दिखाई, पर भारी पड़ी रफ्तार

​पीड़िता आशा यादव ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भागते हुए बदमाश की बाइक पकड़ ली, लेकिन रफ्तार के शौकीन अपराधी ने बाइक की गति बढ़ाई और उन्हें झटकते हुए फरार हो गया। इस लूट की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से करीब 3 लाख रुपये आंकी जा रही है। मौके पर पहुंची डायल 112 और शिवपुर पुलिस अब हमेशा की तरह 'CCTV खंगालने' का राग अलाप रही है।

सिगरा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: साढ़े सात महीने बाद भी खाली हाथ

​लूट का यह कोई पहला मामला नहीं है। पुलिस कमिश्नर की तमाम सख्ती के बावजूद सिगरा पुलिस 'धृतराष्ट्र' बनी बैठी है। सितंबर माह में रथयात्रा रोड स्थित संकठा ज्वेलर्स की दुकान से दिनदहाड़े सोने की चेन लेकर भागे अपराधी का आज तक कोई सुराग नहीं लगा है। तहरीर और पुख्ता CCTV फुटेज होने के बावजूद सिगरा पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और पीड़ित न्याय के लिए थाने के चक्कर काट-काटकर थक चुका है।

जनता में आक्रोश: 'गश्त' सिर्फ कागजों पर?

​शिवपुर से लेकर सिगरा तक, स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि शाम ढलते ही कॉलोनियों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, लेकिन पुलिस की पेट्रोलिंग नदारद रहती है।

बेबाक टिप्पणी

​वाराणसी पुलिस की यह सुस्ती अपराधियों के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' साबित हो रही है। जब सरेराह ग्राम प्रधान की पत्नी सुरक्षित नहीं हैं और महीनों पुराने ज्वेलरी शॉप लूट कांड में पुलिस 'जीरो' पर आउट है, तो आम जनता किसके भरोसे रहे? क्या सिगरा और शिवपुर पुलिस केवल घटना होने के बाद 'लकीर पीटने' के लिए है? अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजिए, वरना कागजी सख्ती से बनारस की कानून व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है।



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