ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

RELOS समझौता प्रभावी: भारत और रूस एक-दूसरे की धरती पर तैनात करेंगे 3000 सैनिक; मरमांस्क से हिंद महासागर तक बढ़ेगी सैन्य ताकत

by on | 2026-04-20 13:22:10

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3074


RELOS समझौता प्रभावी: भारत और रूस एक-दूसरे की धरती पर तैनात करेंगे 3000 सैनिक; मरमांस्क से हिंद महासागर तक बढ़ेगी सैन्य ताकत

नई दिल्ली | भारत और रूस के बीच फरवरी 2025 में हस्ताक्षरित 'परस्पर रसद आदान-प्रदान समझौता' (RELOS) आज से प्रभावी हो गया है। यह समझौता न केवल रसद (Logistics) तक सीमित है, बल्कि इसमें पहली बार सैनिकों और लड़ाकू विमानों की तैनाती का बड़ा प्रावधान शामिल है।

समझौते की 3 बड़ी बातें 

• ​सैनिकों की तैनाती: भारत और रूस अब एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, बंदरगाहों और वायु सेना स्टेशनों पर 3,000-3,000 सैनिक तैनात कर सकेंगे।
• ​युद्धपोत और विमान: दोनों देश एक-दूसरे के बेस पर 5 युद्धपोत और 10 लड़ाकू विमान तैनात करने पर सहमत हुए हैं।
​• आर्कटिक में भारत की एंट्री: इस समझौते के जरिए भारत को रूस के मरमांस्क और सेवेरोमोर्स्क जैसे विशाल बंदरगाहों तक पहुँच मिलेगी, जिससे आर्कटिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ मजबूत होगी।

अमेरिका के 'लेमोआ' (LEMOA) से कितना अलग?

​भारत का अमेरिका के साथ भी रसद समझौता है, लेकिन रूस के साथ यह डील अधिक गहरी है:

​• सैनिकों का प्रावधान: अमेरिका के साथ समझौते में सैनिकों की स्थायी या सामरिक तैनाती का प्रावधान नहीं है, जबकि रूस के साथ यह मुख्य हिस्सा है।

​• वस्तु विनिमय (Barter): RELOS के तहत सेवाओं के बदले नकद भुगतान के बजाय वस्तुओं का आदान-प्रदान (Barter System) भी संभव है।

S-400 मिसाइल सिस्टम: दुश्मन सावधान!

​रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने अतिरिक्त S-400 ट्रायम्फ मिसाइल प्रणालियों को मंजूरी दे दी है।

​• अपडेट: रूस से चौथी बैटरी का अंतिम परीक्षण चल रहा है, जो जून 2026 तक भारत पहुँच जाएगी।

• ​लक्ष्य: 2026 के अंत तक भारत के पास सभी 5 शक्तिशाली S-400 बैटरियाँ होंगी, जो आसमान में अभेद्य कवच की तरह काम करेंगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment