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UP में बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी जीत: प्रीपेड स्मार्ट मीटर की 'अनिवार्यता' खत्म; अब आपकी मर्जी से लगेगा मीटर, CEA ने जारी किया नया आदेश

by admin@bebak24.com on | 2026-04-06 22:34:44

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UP में बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी जीत: प्रीपेड स्मार्ट मीटर की 'अनिवार्यता' खत्म; अब आपकी मर्जी से लगेगा मीटर, CEA ने जारी किया नया आदेश

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश में काफी समय से विवादों में रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा जारी नई अधिसूचना के बाद अब उपभोक्ताओं पर प्रीपेड मीटर थोपा नहीं जा सकेगा। अब यह पूरी तरह उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वह प्रीपेड मोड चुनना चाहता है या पोस्टपेड।

1. क्या है नया आदेश? (CEA की नई अधिसूचना)

1 अप्रैल 2026 को अधिसूचित नए नियमों के अनुसार:

नेटवर्क क्षेत्र में स्मार्ट मीटर: जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क मौजूद है, वहां स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड मोड अनिवार्य नहीं होगा।

उपभोक्ता का विकल्प: स्मार्ट मीटर अब केवल 'विकल्प' के आधार पर प्रीपेड मोड में काम करेंगे। यदि उपभोक्ता पोस्टपेड व्यवस्था चाहता है, तो विभाग उसे मजबूर नहीं कर पाएगा।

2. क्यों हुआ यह बदलाव? (विवाद और विरोध)

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लंबे समय से आक्रोश था:

'सुस्त' तकनीक की मार: बिल जमा करने के बाद भी घंटों तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने की शिकायतें आम थीं।

बिना सहमति बदलाव: लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों में उपभोक्ताओं से पूछे बिना ही उनके मीटर प्रीपेड कर दिए गए थे, जिसका 'राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद' ने कड़ा विरोध किया।

संसद में गूंजा मुद्दा: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी स्पष्ट किया था कि प्रीपेड अनिवार्य नहीं है, यह उपभोक्ता की पसंद होनी चाहिए।

3. उपभोक्ता परिषद की जीत: "रंग लाई मेहनत"

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे देश भर के उपभोक्ताओं की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि "संशोधित अधिसूचना जारी होना यह साबित करता है कि जनता की जायज मांगों के आगे तंत्र को झुकना पड़ता है। अब बिजली विभाग अपनी मनमर्जी से किसी के घर को 'प्रीपेड' में तब्दील नहीं कर पाएगा।"



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