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काशी विश्वनाथ धाम में 'कालचक्र' का नया अवतार: मंदिर चौक में स्थापित हुई विश्व की आधुनिक 'वैदिक घड़ी'; सूर्योदय से तय होगा दिन का पहर

by admin@bebak24.com on | 2026-04-05 15:40:09

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काशी विश्वनाथ धाम में 'कालचक्र' का नया अवतार: मंदिर चौक में स्थापित हुई विश्व की आधुनिक 'वैदिक घड़ी'; सूर्योदय से तय होगा दिन का पहर

वाराणसी | महाकाल की नगरी उज्जैन के बाद अब अविमुक्त क्षेत्र काशी में भी भारतीय कालगणना की गूंज सुनाई देगी। काशी विश्वनाथ धाम के मंदिर चौक (शंकराचार्य चौक) में 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' की स्थापना कर दी गई है। यह घड़ी न केवल समय बताएगी, बल्कि हिंदू पंचांग, ग्रहों की स्थिति और 30 मुहूर्तों की सटीक जानकारी देकर भक्तों को भारतीय गौरवशाली परंपरा से रूबरू कराएगी।

1. उपहार में मिली 'वैदिक घड़ी': सीएम योगी को भेंट

3 अप्रैल 2026 को वाराणसी में आयोजित महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यह अद्भुत घड़ी भेंट की थी। अब इसे बाबा के धाम में श्रद्धालुओं के दर्शन और समय गणना के लिए स्थापित कर दिया गया है।

2. क्या है इस घड़ी की खासियत? 

यह घड़ी सामान्य घड़ियों से बिल्कुल अलग है और डिजिटल तकनीक व प्राचीन वैदिक विज्ञान का अनूठा संगम है:

सूर्योदय आधारित गणना: यह घड़ी 24 घंटे के बजाय सूर्योदय से अगले दिन के सूर्योदय तक के समय को मापती है। इसमें दिन को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है।

बहुआयामी जानकारी: समय (IST) के साथ-साथ यह घड़ी नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति, हिंदू कैलेंडर के माह का नाम और मौसम की जानकारी भी देती है।

डिजिटल कनेक्टिविटी: यह घड़ी एक विशेष मोबाइल ऐप से जुड़ी है जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें पिछले 7,000 वर्षों के पंचांग का डेटा फीड किया गया है।

विजुअल अनुभव: घड़ी के बैकग्राउंड में हर घंटे देश-दुनिया के खूबसूरत धार्मिक और पर्यटन स्थलों की तस्वीरें बदलती रहती हैं।

3. महाराजा विक्रमादित्य की परंपरा का पुनरुद्धार

उज्जैन स्थित 'महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ' द्वारा विकसित इस घड़ी का उद्देश्य प्राचीन भारतीय समय गणना पद्धति को पुनर्जीवित करना है। उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फरवरी 2024 में पहली ऐसी घड़ी के उद्घाटन के बाद, अब इसे देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों तक पहुँचाने की योजना है।

4. तकनीकी विवरण और बनावट

ऊंचाई: लगभग 10 फीट की आयताकार बनावट।

डिस्प्ले: डिजिटल स्क्रीन पर पल-पल शहर का तापमान, हवा की गति और नमी भी प्रदर्शित होती है।

समय के मानक: यह घड़ी वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) को भी प्रदर्शित करती है।

काशी की नई पहचान

काशी विश्वनाथ धाम आने वाले करोड़ों शिवभक्तों के लिए यह घड़ी आकर्षण का केंद्र बन गई है। यह न केवल समय का सूचक है, बल्कि हमारी लुप्त होती वैदिक परंपराओं को डिजिटल युग में फिर से जीवंत करने का एक सराहनीय प्रयास है।

"बाबा विश्वनाथ की नगरी अब प्राचीन कालगणना की साक्षी बनेगी। यह घड़ी हमारी आने वाली पीढ़ी को सनातन विज्ञान की गहराई से परिचित कराएगी।"



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