ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
एजुकेशन एजुकेशन

UP बोर्ड परीक्षा 2026: गाजीपुर में 'शिक्षा के सौदागरों' का पर्दाफाश!

by on | 2026-02-23 23:02:01

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3169


UP बोर्ड परीक्षा 2026: गाजीपुर में 'शिक्षा के सौदागरों' का पर्दाफाश!


STF का हंटर: 40 हजार में ईमान बेचने वाला प्रधानाचार्य और 'मुन्नाभाई' गिरफ्तार

गाजीपुर/वाराणसी: उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं को 'नकल विहीन' कराने के दावों के बीच गाजीपुर से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे शिक्षा महकमे को हिला कर रख दिया है। STF वाराणसी की टीम ने दुल्लहपुर के भगेलू दास इंटर कॉलेज में चल रहे 'सॉल्वर सिंडिकेट' का भंडाफोड़ किया है। यहाँ छात्रों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रधानाचार्य ही भ्रष्टाचार की स्क्रिप्ट लिख रहे थे।
 40 हजार का 'पैकेज' और मुन्नाभाई की एंट्री
जांच में खुलासा हुआ है कि कॉलेज के प्रधानाचार्य विन्ध्याचल यादव ने महज 40 हजार रुपये के लालच में असली परीक्षार्थी (शुभम यादव) की जगह मऊ के शिवम यादव को परीक्षा हॉल में बैठा दिया।
> बेबाक टिप्पणी: जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो निष्पक्ष परीक्षा की उम्मीद बेमानी है। प्रधानाचार्य की शह पर सॉल्वर को न तो बायोमेट्रिक जांच से गुजरना पड़ा और न ही उसके फर्जी दस्तावेजों को रोका गया।
 दागी केंद्रों पर मेहरबानी कब तक?
गाजीपुर में नकल का यह कारोबार नया नहीं है। यहाँ नकल सिंडिकेट की जड़ें इतनी गहरी हैं कि हर साल दागी विद्यालयों को सेंटर की 'खैरात' बांट दी जाती है।
 * इतिहास गवाह है: एक समय ऐसा भी था जब डीएम ने डीआईओएस के आवास पर छापा मारकर नगदी और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए थे।
 * बड़ा सवाल: इस साल भी एस.एम. नेशनल इंटर कॉलेज, जो आरओ/एआरओ परीक्षा में गड़बड़ी के कारण डिबार था, उसे सेंटर बना दिया गया।
 बेबाक 24 पूछता है: आखिर क्यों शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर इन नकल माफियाओं को संरक्षण देते हैं? क्या योगी सरकार के 'नकल मुक्त शासन' के संकल्प को प्रशासन के भीतर बैठे लोग ही चुनौती दे रहे हैं?
 STF का छापा और चौंकाने वाला कबूलनामा
एसटीएफ को खबर मिली थी कि भगेलू दास इंटर कॉलेज में मोटी रकम लेकर बाहरी लड़कों से पेपर लिखवाया जा रहा है। निरीक्षक अनिल कुमार सिंह की टीम ने जब स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ कक्ष संख्या-12 में दस्तक दी, तो हकीकत सामने आ गई।
 * तीन दिन से जारी था खेल: पकड़े गए सॉल्वर शिवम यादव ने कबूला कि वह पिछले तीन दिनों से परीक्षा दे रहा था। उसने इससे पहले हिंदी और सामाजिक विज्ञान की परीक्षा भी बिना किसी रोक-टोक के 'मैनेज' कर ली थी।
 मौके से क्या-क्या मिला? (सबूतों का पुलिंदा)

कागजात : अंग्रेजी का प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका और OMR शीट 
 फर्जी पहचान : दूसरे का प्रवेश पत्र और संदिग्ध आधार कार्ड 
 टेक्नोलॉजी : दो मोबाइल फोन (जिनमें सौदेबाजी के सबूत छिपे हो सकते हैं) 
 कानूनी हंटर: अब जेल की सलाखें!
दुल्लहपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 27/2026 दर्ज किया गया है। इन पर नए कानून की धारा 319(2) BNS और परीक्षा अधिनियम की धारा 8/9/13 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
 बेबाक 24 का अंतिम प्रहार: एसटीएफ की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली अपराधी वो 'सिस्टम' है जो दागी स्कूलों को परीक्षा केंद्र की मान्यता देता है। जब तक इन सफेदपोश संरक्षकों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक 'विन्ध्याचल' जैसे सौदागर पैदा होते रहेंगे।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment