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नूपुर शर्मा का हुमायूं कबीर को करारा जवाब– "ये सीधी सुप्रीम कोर्ट को चुनौती है!"

by on | 2026-02-13 22:54:25

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नूपुर शर्मा का हुमायूं कबीर को करारा जवाब– "ये सीधी सुप्रीम कोर्ट को चुनौती है!"

मुर्शिदाबाद/दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 'बाबरी' के नाम पर शुरू हुआ संग्राम अब आर-पार की जंग में बदल चुका है। टीएमसी से सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' की प्रतिकृति (Replica) बनाने के ऐलान ने पूरे देश में सियासी पारा हाई कर दिया है। इस मुद्दे पर अब पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने हुमायूं कबीर को आड़े हाथों लेते हुए इसे देश की न्यायपालिका का अपमान बताया है।

क्या है पूरा विवाद?

​हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वे मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हूबहू अयोध्या की बाबरी मस्जिद जैसी एक मस्जिद बनवाएंगे। इसके लिए उन्होंने बाकायदा 6 दिसंबर (बाबरी विध्वंस की बरसी) को नींव रखने का कार्यक्रम भी किया। कबीर का दावा है कि "बाबरी मस्जिद से मुसलमानों का भावनात्मक रिश्ता है और उसे फिर से जिंदा किया जाएगा।"

नूपुर शर्मा ने क्यों साधा निशाना?

​नूपुर शर्मा ने इस कदम को सीधे तौर पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के ऐतिहासिक फैसले की अवमानना और उसे दी गई खुली चुनौती करार दिया है। उनके बयान के मुख्य बिंदु:

  • संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन: नूपुर ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने दशकों पुराने विवाद को सुलझाकर अपना अंतिम फैसला सुना दिया है, तो उसी ढांचे के नाम पर नई मस्जिद बनाना अदालत के फैसले को नकारने जैसा है।
  • सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश: उन्होंने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर जैसे नेता मजहबी भावनाओं को भड़काकर बंगाल का माहौल खराब करना चाहते हैं।
  • वोट बैंक की राजनीति: नूपुर शर्मा ने कबीर के इस कदम को आगामी 2026 बंगाल चुनाव से पहले ध्रुवीकरण करने का एक सस्ता हथकंडा बताया।

बेबाक टिप्पणी

​हुमायूं कबीर अब अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' के जरिए ओवैसी के साथ मिलकर बंगाल के रण में उतरने की तैयारी में हैं। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनसे पल्ला झाड़ते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ नूपुर शर्मा के इस तीखे प्रहार ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर गरमा दिया है।

"क्या भारत के संविधान और सुप्रीम कोर्ट से बड़ा किसी नेता का एजेंडा हो सकता है?" – यह सवाल आज गलियारों में गूंज रहा है।



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