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काशी में अब सीवर का 'काला सच' उजागर करेगा रोबोटिक जासूस! बिना सड़क खोदे 'पोस्टमार्टम' करेगी स्पेशल टीम

by on | 2026-11-05 22:49:18

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काशी में अब सीवर का 'काला सच' उजागर करेगा रोबोटिक जासूस! बिना सड़क खोदे 'पोस्टमार्टम' करेगी स्पेशल टीम

​वाराणसी (बेबाक 24): गंदे पानी की बद्दू, सड़ांध मारती गलियां और सीवर का पानी उफनने पर महीनों तक चलने वाला नगर निगम का 'खोदाई अभियान'—काशीवासियों के लिए यह कोई नई बात नहीं है। एक छोटी सी लीक या ब्लॉकेज ढूंढने के लिए पूरी की पूरी सड़क खोदकर जनता को नरक में धकेल देना महकमे का पुराना ढर्रा रहा है। लेकिन अब खबर यह है कि वाराणसी नगर निगम ने अपनी 'अंधेरे में लाठी चलाने' वाली आदत को बदलने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।

​अब सीवर पाइपों के गहरे अंधेरे और गंदगी के भीतर की 'अंदरूनी कारस्तानी' का पर्दाफाश करने के लिए सीवर लाइनों में 'रोबोटिक जासूस' उतारे जाएंगे!

​सोलिनास और कोका-कोला के CSR फंड का सहारा

​खबर पक्की है—शहर की सीवर लीकेज, ब्लॉकेज और गंदे पानी की लाइलाज बीमारी से निपटने के लिए नगर निगम वाराणसी और चेन्नई की टेक कंपनी सोलिनास इंटीग्रिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच करार हुआ है। राहत की बात यह भी है कि इस प्रोजेक्ट का पूरा खर्चा कोका-कोला कंपनी अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से उठाएगी।

​महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की सरपरस्ती में गुरुवार से ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट क्षेत्र में इसका 'फील्ड ट्रायल' और निरीक्षण कार्य शुरू भी कर दिया गया है।

​क्या हैं ये 'रोबोटिक जासूस' और कैसे करेंगे काम?

​अधिकारियों की मानें तो सीवर की अंदरूनी 'बीमारी' पकड़ने के लिए दो मुख्य हथियारों का इस्तेमाल होगा:

​स्पेशल एंडोकैम (Special EndoCam): 50 मिमी से 125 मिमी व्यास की छोटी सीवर पाइपलाइनों के अंदर घुसकर लाइव तस्वीरें देगा।


​एंडो-90 रोबोट (Endo-90 Robot): 125 मिमी से 400 मिमी तक के बड़े और गहरे पाइपों में उतरकर निरीक्षण करेगा।


​फायदा क्या होगा?

पाइप के भीतर जंग कहां लगा है, दरारें कहां पड़ी हैं, या कचरे का पहाड़ कहां जमा है—यह सब रोबोट के कैमरे की स्क्रीन पर साफ दिख जाएगा। शिकायत मिलते ही मौके पर जेई की टीम पहुंचेगी, छोटा सा पिट (गड्ढा) खोदेगी और रोबोट को पाइप के भीतर उतार देगी।

​यानी, अब सिर्फ 1 फीट की खराबी के लिए 100 मीटर सड़क खोदने का नगर निगम का तुगलकी ढर्रा बंद होगा!

​नेताओं के दावे और जमीनी हकीकत का सवाल

​इस मौके पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने  बयान देते हुए कहा कि "नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए तकनीक का इस्तेमाल समय की मांग है। इससे बेवजह सड़क खुदाई रुकेगी और जनता को जल्द राहत मिलेगी।"

​दशाश्वमेध में जब इसका आगाज हुआ, तो उपसभापति नरसिंह दास, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह और कंपनी के प्रतिनिधि देवांशु कुमार व मोइनाज बनर्जी भी अमले के साथ मौजूद रहे।

​बेबाक 24 का सीधा सवाल:

​तकनीक की फाइलें तो शानदार बनती हैं, लेकिन क्या यह 'रोबोटिक जासूस' सिर्फ अफसरों की वाहवाही और फीता काटने तक सीमित रहेगा, या फिर बनारस की संकरी गलियों में असल में जमीनी बदहाली को दूर करेगा? अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो यकीनन बनारस के लोगों को हर महीने उधड़ने वाली सड़कों और सीवर की सड़ांध से बड़ी मुक्ति मिलेगी।



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