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प्रदूषण पर सख्ती: दिल्ली-एनसीआर में 50% कर्मचारियों को घर से काम

by admin@bebak24.com on | 2026-11-01 13:37:17

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प्रदूषण पर सख्ती: दिल्ली-एनसीआर में 50% कर्मचारियों को घर से काम

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एहतियाती कदम उठाए हैं। आयोग के आदेश के अनुसार, 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक दिल्ली और एनसीआर के चुनिंदा जिलों में सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50% कर्मचारी ही कार्यालय आ सकेंगे। शेष कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। इसके साथ ही धूल फैलाने वाली निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर भी रोक लगाई जाएगी।

किन क्षेत्रों में लागू होगा आदेश?

यह आदेश दिल्ली के अलावा हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत तथा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में लागू होगा। इन क्षेत्रों के संबंधित सरकारी और निजी कार्यालयों को कर्मचारियों की उपस्थिति 50% तक सीमित रखनी होगी।

हालांकि, उन औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है, जहां काम की प्रकृति के कारण घर से काम करना संभव नहीं है।

सड़क, फ्लाईओवर और पाइपलाइन निर्माण पर भी रोक

प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए आयोग ने 5 से 20 नवंबर तक बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां बंद रखने का निर्देश दिया है।

इस प्रतिबंध में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:

  • राजमार्ग और सड़क निर्माण

  • फ्लाईओवर और ओवरब्रिज का निर्माण

  • बिजली की पारेषण लाइनें बिछाने का काम

  • पाइपलाइन और दूरसंचार से जुड़ी निर्माण गतिविधियां

  • अन्य बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्य

हालांकि, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, अंतरराज्यीय बस अड्डे, अस्पताल, जलापूर्ति और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं भी प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगी।

पिछले वर्षों के प्रदूषण आंकड़ों के आधार पर फैसला

आयोग ने 2018 से 2025 के बीच नवंबर महीने में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद ये कदम उठाए हैं। आंकड़ों के अनुसार, नवंबर के शुरुआती और मध्य दिनों में कई बार वायु गुणवत्ता गंभीर और उससे भी खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है।

इस दौरान हवा की धीमी गति, प्रदूषकों के फैलाव के लिए प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां, पराली जलाने और स्थानीय स्रोतों से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण बढ़ाने में योगदान देते हैं।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग ने प्रदूषण के स्रोतों पर पहले से नियंत्रण लगाने का फैसला किया है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की संबंधित राज्य सरकारों तथा विभागों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की जांच

प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहनों की जांच भी की जा रही है। दी गई जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर से बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसी के तहत सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की जांच की जा रही है।

बेबाक24 टेक

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति सीमित करना और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाना एहतियाती कदम हैं। इन उपायों का वास्तविक प्रभाव इनके प्रभावी क्रियान्वयन और वाहनों, निर्माण कार्यों तथा अन्य प्रदूषण स्रोतों पर नियंत्रण की सफलता पर निर्भर करेगा।



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