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राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन का मार्च, रामलीला मैदान पहुंचे विपक्षी नेता

by on | 2026-11-01 14:30:44

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राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन का मार्च, रामलीला मैदान पहुंचे विपक्षी नेता

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में इंडिया गठबंधन ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस समेत 15 से अधिक विपक्षी दलों के समर्थन वाली इस रैली से पहले राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद खुली बस में सवार होकर रामलीला मैदान की ओर रवाना हुए।

खुली बस में दिखे विपक्ष के बड़े नेता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से विपक्षी सांसदों का काफिला मिंटो ब्रिज के लिए रवाना हुआ। इसके बाद राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, अभिषेक बनर्जी और केसी वेणुगोपाल समेत कई नेता खुली बस में रामलीला मैदान पहुंचे।

विपक्ष ने इस प्रदर्शन को 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान का हिस्सा बताया है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और एसआईआर की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।

विपक्ष ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मतदाता सूची में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने नहीं चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा गंभीर है और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।

सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब लोगों का संस्थाओं पर भरोसा कमजोर होता है, तब लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर आवाज उठाना उनका अधिकार है। वहीं, जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद नहीं छोड़ते और एसआईआर पर रोक नहीं लगती, विपक्ष अपना संघर्ष जारी रखेगा।

अखिलेश यादव ने भी मतदाता सूची में नाम कम होने के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में 1.27 करोड़ वोट कम होने के दावे का उल्लेख करते हुए सरकार से आंकड़ों का आधार स्पष्ट करने की मांग की।

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

विपक्षी रैली के बीच भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखे हमले किए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अराजकता और सत्ता परिवर्तन का एजेंडा नहीं चलने दिया जाएगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने आरोप लगाया कि विपक्ष एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है। भाजपा प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने रैली को राहुल गांधी की राजनीतिक छवि सुधारने का प्रयास बताया और विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण पेश करने को कहा।

भाजपा ने सामाजिक माध्यम पर भी विपक्ष की रैली की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश बताया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, यातायात पर भी असर

दिल्ली पुलिस ने रैली को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मैदान और आसपास के क्षेत्रों में 7,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पूरे इलाके को 14 क्षेत्रों में बांटा गया है और निगरानी के लिए करीब 200 से 250 कैमरे लगाए गए हैं।

पुलिस को लगभग 70 हजार लोगों के जुटने का अनुमान था, जबकि विपक्षी नेताओं ने 10 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का दावा किया। दिल्ली यातायात पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार मार्ग बदलने की सूचना दी थी।

बेबाक24 टेक

एसआईआर और मतदाता सूची की पारदर्शिता का मुद्दा अब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। विपक्ष चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक अभियान बता रही है। इस विवाद का निर्णायक पहलू राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि मतदाता सूची से जुड़े दावों की तथ्यात्मक जांच और चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखना होगा।



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