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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन शुरू, 153 देशों के खरीदार जुटे

by on | 2026-10-23 12:21:05

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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन शुरू, 153 देशों के खरीदार जुटे

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (बीआईआरसी) 2026 की शुरुआत शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुई। 3 दिवसीय इस आयोजन में 153 देशों के 4,856 खरीदारों सहित कुल 32,467 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। सम्मेलन में चावल की कीमतों, निर्यात के नए बाजारों और कारोबार में मुनाफा बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा होगी। खास तौर पर वर्ष 2027 में वैश्विक चावल बाजार में कीमतों के संभावित रुख पर कारोबारियों की नजर रहेगी।

भारतीय चावल निर्यातक महासंघ की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में 180 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। आयोजन का उद्देश्य भारतीय चावल के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार तलाशना और निर्यातकों, खरीदारों तथा उद्योग से जुड़े अन्य पक्षों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाना है।

2027 में चावल सस्ता होगा या महंगा?

सम्मेलन के प्रमुख सत्रों में वैश्विक चावल की मांग और आपूर्ति के अनुमान पर चर्चा होगी। इसमें बासमती और गैर-बासमती चावल की कीमतों में संभावित गिरावट या तेजी का आकलन किया जाएगा।

कारोबारियों के सामने प्रमुख सवाल यह है कि आने वाले वर्ष में वैश्विक मांग, उत्पादन, प्रतिस्पर्धा और लागत का बाजार पर क्या असर पड़ेगा। सम्मेलन में भुगतान संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2027 के लिए चावल के 10 प्रमुख बाजारों की पहचान करने पर भी विचार होगा।

हालांकि, सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं से कीमतों की दिशा का आकलन करने में मदद मिल सकती है, लेकिन वास्तविक भाव उत्पादन, मांग, निर्यात नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।

2,038 कारोबारी बैठकें पहले से तय

भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में 65 वक्ता शामिल होंगे और 9 ज्ञान सत्र आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, कारोबारियों के बीच 2,038 बैठकें पहले से निर्धारित की गई हैं।

सम्मेलन में इन विषयों पर विशेष चर्चा होगी:

  • फसल सर्वेक्षण और कीमतों का पूर्वानुमान

  • निर्यात दस्तावेज, गुणवत्ता प्रमाणन और बीमा

  • कारोबार के लिए ऋण और माल ढुलाई

  • सरकारी नीतियां और टिकाऊ चावल उत्पादन

  • चावल मिलों की लागत और लाभप्रदता

भारतीय चावल निर्यातक महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देव गर्ग के अनुसार, पहले से तय बैठकों का उद्देश्य आयोजन की शुरुआत से ही प्रभावी कारोबारी संपर्क स्थापित करना है।

180 से अधिक कंपनियां दिखाएंगी उत्पाद

सम्मेलन की प्रदर्शनी में 180 से अधिक कंपनियां अपने उत्पाद और कारोबारी क्षमताएं प्रदर्शित करेंगी। इसमें भारत के 23 राज्यों के प्रतिभागी भी हिस्सा लेंगे।

आयोजन में 9 विशेष अनुभव क्षेत्र बनाए गए हैं। इनमें ग्लोबल राइस आर्काइव भी शामिल है, जहां भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों की लगभग 200 चावल किस्में प्रदर्शित की जाएंगी। इसके जरिए चावल की विविधता, खेती से जुड़े समुदायों, खानपान और व्यावसायिक उपयोगों को सामने लाने की योजना है।

25 अक्तूबर को होगा राइस फेस्टिवल

सम्मेलन के तीसरे दिन, 25 अक्तूबर को आम लोगों के लिए राइस फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। इसमें खानपान से जुड़ी गतिविधियां, शेफ प्रतियोगिताएं, प्रभावशाली डिजिटल रचनाकारों के बीच पाककला मुकाबला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रश्नोत्तरी शामिल होंगी।

इस आयोजन के जरिए चावल को केवल कृषि उपज और निर्यात उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय खानपान और सांस्कृतिक विविधता के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

पिछले सम्मेलन में 33,453 करोड़ रुपये की कारोबारी प्रतिबद्धताएं

2025 में आयोजित पहले भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन में 10,854 लोगों ने हिस्सा लिया था। इनमें 90 से अधिक देशों के 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल थे।

आयोजकों के हवाले से दी गई ईवाई की आयोजन-पश्चात आकलन रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सम्मेलन में लगभग 86.3 लाख टन चावल से जुड़ी 33,453 करोड़ रुपये की कारोबारी प्रतिबद्धताएं दर्ज की गई थीं।

इस बार पंजीकरण और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के आंकड़े सम्मेलन के बड़े दायरे को दर्शाते हैं। हालांकि, पंजीकरण या कारोबारी प्रतिबद्धताओं को वास्तविक रूप से पूरे हुए सौदों के बराबर नहीं माना जा सकता।

बेबाक24 टेक

भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2026 भारतीय निर्यातकों को नए खरीदारों से जोड़ने और वैश्विक बाजार की बदलती परिस्थितियों को समझने का अवसर देता है। वर्ष 2027 में चावल की कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह मांग-आपूर्ति, उत्पादन और व्यापार नीतियों पर निर्भर करेगा। सम्मेलन की सफलता का आकलन अंततः इस बात से होगा कि कितने कारोबारी संपर्क वास्तविक निर्यात सौदों में बदलते हैं।



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