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दिल्ली की हवा खराब, एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू

by on | 2026-10-23 12:19:31

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दिल्ली की हवा खराब, एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 223 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए संबंधित विभागों ने निगरानी और नियंत्रण के उपाय तेज करने की तैयारी की है।

एक दिन में मामूली सुधार, हवा अब भी खराब

गुरुवार सुबह 7 बजे दिल्ली का एक्यूआई 226 दर्ज किया गया था। शुक्रवार को यह घटकर 223 पर पहुंचा। हालांकि, इस मामूली गिरावट के बावजूद राजधानी की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया गया।

इलाकाएक्यूआई
जहांगीरपुरी284
रोहिणी281
पंजाबी बाग275
बवाना269
पटपड़गंज263
अलीपुर257
चांदनी चौक245
आया नगर231
वजीरपुर222
आनंद विहार219
अशोक विहार192

इन आंकड़ों के अनुसार, अशोक विहार में हवा मध्यम श्रेणी में रही, जबकि अन्य सूचीबद्ध इलाकों में एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।

ग्रैप का पहला चरण क्यों लागू हुआ?

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को स्थिति की समीक्षा के बाद दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण लागू करने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाना और हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।

पहले चरण के तहत धूल, निर्माण गतिविधियों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के उपायों पर जोर दिया जाता है। संबंधित एजेंसियों को नियमों के पालन की निगरानी करने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी जाती है।

सीमाओं पर वाहनों की जांच की तैयारी

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ग्रैप के पहले चरण के उपायों की समीक्षा के लिए अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की। इसमें दिल्ली की सीमाओं पर नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को वापस मोड़ने, वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्रों की जांच और सड़क की धूल पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़े उपायों पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही निर्माण कार्यों से फैलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बेबाक24 टेक

दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 223 तक पहुंचना बताता है कि राजधानी की हवा अब भी खराब श्रेणी में है। ग्रैप का पहला चरण लागू होने के बाद वाहनों, सड़क की धूल और निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण के प्रयास महत्वपूर्ण होंगे। प्रदूषण में वास्तविक कमी लाने के लिए जरूरी है कि संबंधित एजेंसियां नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करें और हवा की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करें।



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