ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
हिंसा हिंसा

एलपीयू हिंसा पर सियासी घमासान, अमित शाह की रैली से पहले नकाबपोशों की भूमिका पर सवाल

by admin@bebak24.com on | 2026-09-29 13:59:10

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3053


एलपीयू हिंसा पर सियासी घमासान, अमित शाह की रैली से पहले नकाबपोशों की भूमिका पर सवाल

जालंधर | बेबाक24 न्यूज़

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 26-27 सितंबर की रात हुई हिंसा अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। अफवाह से शुरू हुए छात्र विरोध के बीच तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट के आरोपों के साथ अब नकाबपोश युवकों और कथित बाहरी लोगों की भूमिका की जांच हो रही है। इसी बीच 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रस्तावित भाजपा रैली को लेकर भी राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एलपीयू का दौरा कर मामले की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, वॉकी-टॉकी बरामद हुए हैं और बाहरी लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वायरल सीसीटीवी फुटेज में कुछ पुरुषों के महिला छात्रावास के आसपास दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी यह नहीं कहा है कि इन लोगों ने हिंसा कराई या उनका किसी राजनीतिक संगठन से संबंध था।

नकाबपोशों की पहचान जांच के केंद्र में

हिंसा के दौरान सामने आए वीडियो में कुछ युवकों के चेहरे कपड़े से ढके और हाथों में डंडे दिखाई दे रहे हैं। कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ और सामान उठाए जाने के दृश्य भी सामने आए हैं। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास रिकॉर्ड, मोबाइल संबंधी जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर इन लोगों की पहचान करने में जुटी है।

वहीं, वॉकी-टॉकी को लेकर भी तस्वीर सामने आई है। विशेष पुलिस महानिदेशक प्रवीण सिन्हा के अनुसार, वॉकी-टॉकी रखने वाले कुछ लोग सेना के जवान थे, जिनके बच्चे एलपीयू में पढ़ते हैं। वे अपने उपकरणों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे थे। इसलिए वॉकी-टॉकी की बरामदगी को सीधे किसी साजिश से जोड़ना अभी उचित नहीं होगा।

अमित शाह की रैली से जुड़ा राजनीतिक सवाल

एलपीयू जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर स्थित है और इसी क्षेत्र में 30 सितंबर को अमित शाह की प्रस्तावित भाजपा रैली को लेकर तैयारियां चल रही हैं। इसी भौगोलिक निकटता के कारण एलपीयू हिंसा और भाजपा के कार्यक्रम के बीच राजनीतिक चर्चा तेज हुई है।

भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया है कि एलपीयू में हुई हिंसा के पीछे आम आदमी पार्टी सरकार की साजिश हो सकती है और इसका उद्देश्य अमित शाह की रैली को प्रभावित करना हो सकता है। यह भाजपा नेता का आरोप है। उपलब्ध जानकारी में इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई जांच निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

दूसरी ओर, पुलिस की जांच फिलहाल इस बात पर केंद्रित है कि हिंसा में कौन-कौन लोग शामिल थे, सोशल मीडिया पर अफवाह कैसे फैली और कैंपस में तोड़फोड़ तथा लूटपाट करने वालों की पहचान क्या है।

सरकार के सामने कई सवाल

एलपीयू में करीब 35 हजार छात्र पढ़ते हैं। हिंसा के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि छात्र विरोध के बीच क्या कुछ अलग समूहों ने स्थिति का फायदा उठाया।

पुलिस के सामने प्रमुख सवाल हैं कि महिला छात्रावास के आसपास दिखे लोग कौन थे, चेहरा ढककर तोड़फोड़ करने वाले कौन थे, कैंपस से उठाया गया सामान कहां गया और हिंसा की अलग-अलग घटनाओं के बीच कोई आपसी समन्वय था या नहीं।

बेबाक24 टेक: एलपीयू हिंसा की जांच अब छात्र आक्रोश से आगे बढ़कर नकाबपोशों, कथित बाहरी लोगों और लूटपाट के आरोपों तक पहुंच गई है। अमित शाह की प्रस्तावित जालंधर रैली के कारण मामले का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है, लेकिन हिंसा के पीछे किसी राजनीतिक साजिश की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment