ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
अपराध हत्या

आजमगढ़ में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या, आरोपी भी मुठभेड़ में मारा गया

by admin@bebak24.com on | 2026-09-23 13:46:21

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3000


आजमगढ़ में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या, आरोपी भी मुठभेड़ में मारा गया

आजमगढ़ | बेबाक24 न्यूज़

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक ही परिवार और धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े लोगों की हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई में आरोपी अरविंद कुमार भी मारा गया। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पत्नी और 2 पुजारियों की हत्या के बाद आरोपी अपने 3 बच्चों के साथ घर के कमरे में बंद हो गया था। करीब 7 घंटे तक पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाया, लेकिन अंदर से गोली चलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

पूजा के दौरान विवाद के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, मंगलवार को अरविंद के भाई की आत्मा की शांति के लिए घर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। इसी दौरान विवाद हुआ। आरोप है कि अरविंद ने अपनी पत्नी बबिता सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अनुष्ठान में शामिल अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक की भी गोली मारकर हत्या कर दी।

तीनों की हत्या के बाद अरविंद अपने 3 बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। उसके पास लाइसेंसी हथियार था। पुलिस और परिवार के लोगों ने काफी देर तक उसे समझाने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।

7 घंटे बाद कमरे से चली गोली

पुलिस के मुताबिक, करीब 7 घंटे तक बातचीत के बाद अचानक कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आई। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कमरे में प्रवेश करने का फैसला किया।

पुलिस ने दरवाजा तोड़ने से पहले स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। एसपी डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह और पुलिसकर्मियों की टीम कमरे में दाखिल हुई। पुलिस का दावा है कि अंदर पहुंचते ही अरविंद ने टीम पर कई राउंड फायरिंग की।

इसके बाद पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

बेटे की भी इलाज के दौरान मौत

पुलिस के अनुसार, कमरे के अंदर अरविंद का 9 वर्षीय बेटा शौर्य सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिला। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

वहीं, कमरे में मौजूद 10 वर्षीय बेटी परी और 6 महीने की बच्ची को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बड़ी बेटी को मामूली चोट आई है।

घटना के बाद पुलिस ने सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच और आगे की कार्रवाई की निगरानी की।

बेबाक24 की राय

आजमगढ़ की घटना में परिवार के भीतर हुए विवाद के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए। अब पुलिस जांच में घटनाक्रम की पूरी कड़ी, हत्या के कारण और मुठभेड़ की परिस्थितियों से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। मामले में सामने आए तथ्यों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से होगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment