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राज्यसभा चुनाव: यूपी में भाजपा बदलेगी ज्यादातर चेहरे, तीन सांसदों को मिल सकता है फिर मौका

by admin@bebak24.com on | 2026-09-23 13:11:41

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राज्यसभा चुनाव: यूपी में भाजपा बदलेगी ज्यादातर चेहरे, तीन सांसदों को मिल सकता है फिर मौका

लखनऊ | बेबाक24 न्यूज़

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा ज्यादातर नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है। 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में पार्टी मौजूदा 8 सांसदों में से कम से कम 5 को दोबारा मौका नहीं दे सकती है। हालांकि, सामाजिक और जातीय समीकरण को पहले की तरह बनाए रखने की कोशिश होगी।

तीन सांसदों की सीट बच सकती है

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पूर्व पुलिस महानिदेशक और दलित समाज से आने वाले बृज लाल, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ओबीसी वर्ग से बीएल वर्मा को दोबारा उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

इनके अलावा पार्टी ओबीसी प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। मौजूदा समीकरण में 4 अगड़े, 2 ओबीसी, 1 अल्पसंख्यक और 1 एससी वर्ग के सांसद हैं। नए समीकरण में ओबीसी प्रतिनिधित्व 2 से बढ़ाकर 3 किया जा सकता है।

राजपूत और ब्राह्मण चेहरों में बदलाव

भाजपा की संभावित रणनीति के मुताबिक राजपूत बिरादरी से मौजूदा दोनों चेहरों को बदला जा सकता है। ब्राह्मण समाज से भी नए चेहरे को राज्यसभा भेजने की चर्चा है। यानी जातीय संतुलन लगभग वही रखने के साथ उम्मीदवारों के चेहरे बदलने की तैयारी है।

एक सांसद दिनेश शर्मा पहले ही उपराज्यपाल बनने के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं।

8 सीटों पर भाजपा, 2 पर सपा का दावा

विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर 10 राज्यसभा सीटों में से 8 भाजपा और 2 सपा के खाते में जाने की संभावना बताई गई है। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।

राजग के पास 292 विधायक बताए गए हैं। तीन निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ राजा भैया और राजभर के दो-दो विधायकों के रुख को देखते हुए आठवीं सीट के लिए भाजपा को अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।

उत्तराखंड में भी बदलेगा चेहरा

उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर मौजूदा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यहां भी भाजपा किसी नए और प्रभावशाली नेता को उम्मीदवार बना सकती है। माना जा रहा है कि इसके पीछे आगामी विधानसभा चुनाव के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण होंगे।

बेबाक24 की राय: भाजपा के संभावित उम्मीदवारों में बदलाव के बावजूद उत्तर प्रदेश में सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाए रखने की रणनीति सामने आ रही है। अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नाम घोषित होने और राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगी।



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