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विनीत मिनोचा हत्याकांड: शालू की 24 घंटे की पुलिस हिरासत, डुप्लीकेट चाबी का सच तलाशेगी पुलिस

by admin@bebak24.com on | 2026-09-23 12:39:54

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विनीत मिनोचा हत्याकांड: शालू की 24 घंटे की पुलिस हिरासत, डुप्लीकेट चाबी का सच तलाशेगी पुलिस

कानपुर | बेबाक24 न्यूज़

कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के 17वें दिन आरोपी बहू शालू को 24 घंटे की पुलिस हिरासत में पूछताछ की अनुमति मिली है। पुलिस इस दौरान शालू, उसके पति सुब्रत और नौकर विशाल से आमने-सामने पूछताछ करेगी। जांच का मुख्य केंद्र फ्लैट की वह डुप्लीकेट चाबी है, जो अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगी है।

मॉल से चाबी की दुकान तक दोहराया जाएगा घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार शालू, सुब्रत और विशाल को साथ लेकर घटनाक्रम दोहराया जाएगा। इसमें परेड स्थित मॉल में खरीदारी से लेकर चाबी बनवाने तक की गतिविधियों को दोबारा कराया जाएगा, ताकि डुप्लीकेट चाबी से जुड़े बयानों की पुष्टि की जा सके।

पुलिस का कहना है कि शालू ने चाबी बनवाने को लेकर अलग-अलग बातें बताई हैं। पहले गुमटी और बाद में परेड से चाबी बनवाने की बात सामने आई। विशाल के बयान के अनुसार उसे चाबी परेड चौराहे पर दी गई थी और उसने डुप्लीकेट चाबी बनवाकर फ्लैट का ताला खोला था। पुलिस अब इस दावे की भी जांच करेगी।

सुब्रत से भी होगी आमने-सामने पूछताछ

विनीत की हत्या 5 सितंबर की रात इंद्रानगर स्थित फ्लैट में हुई थी। मामले में शालू, विशाल और राजकिशोर जेल में हैं। जांच के दौरान विनीत के बेटे सुब्रत की भूमिका को लेकर भी पुलिस ने कई सवाल उठाए हैं।

पुलिस के अनुसार पिता-पुत्र के बीच पहले विवाद होते रहे थे। वारदात से कुछ दिन पहले बिरहाना रोड स्थित कार्यालय में भी दोनों के बीच कहासुनी की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा सुब्रत की कथित आर्थिक देनदारी, पारिवारिक रिश्तों और कुछ अन्य घटनाओं को लेकर भी पूछताछ की जाएगी।

चौथे व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि वारदात में नामजद आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। सुब्रत के देहरादून में रहने वाले कनाडाई मित्र के बारे में भी शालू से पूछताछ की जाएगी।

पुलिस के मुताबिक विशाल ने चाबी रतन आर्बिट स्थित पार्क में फेंकने की बात कही है। वहीं राजकिशोर ने घटना के बाद अपने कपड़े और काला गमछा एक सार्वजनिक शौचालय के पीछे फेंकने की जानकारी दी है। पुलिस इन स्थानों से कथित साक्ष्य बरामद करने का प्रयास करेगी।

शालू की अदालत में दी गई अर्जियां खारिज

शालू के अधिवक्ता ने पुलिस हिरासत का विरोध करते हुए कहा था कि जेल में पहले ही पूछताछ हो चुकी है और केवल सहआरोपी के बयान के आधार पर हिरासत मांगना उचित नहीं है। अदालत ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया।

शालू की ओर से मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने और केस डायरी देखने की मांग भी की गई थी। अदालत ने दोनों अर्जियां खारिज कर दीं। अदालत ने कहा कि विवेचना के दौरान केस डायरी में दर्ज बयान ही इस चरण में प्रासंगिक हैं और अभियुक्त को मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का अधिकार है।

पुलिस आयुक्त ने बताई जांच की दिशा

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार पुलिस हिरासत का उद्देश्य डुप्लीकेट चाबी बरामद करना और संदिग्ध लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

बेबाक24 की राय: इस मामले में पुलिस की 24 घंटे की पूछताछ के दौरान डुप्लीकेट चाबी, बयानों में कथित विरोधाभास और संदिग्ध भूमिकाओं से जुड़े सवाल अहम रहेंगे। हालांकि जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य सामने आने तक किसी भी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से तय नहीं माना जा सकता।



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