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बक्सर में जेल से बाहर बनेगा भगवान वामन का भव्य मंदिर, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कैबिनेट से भी मिल चुकी है मंजूरी; 23 सितंबर को निकलेगी अलौकिक शोभायात्रा

by on | 2026-09-22 22:58:25

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बक्सर में जेल से बाहर बनेगा भगवान वामन का भव्य मंदिर, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कैबिनेट से भी मिल चुकी है मंजूरी; 23 सितंबर को निकलेगी अलौकिक शोभायात्रा

बक्सर। जन-आस्था के प्रमुख केंद्र और बक्सर सेंट्रल जेल परिसर के अंदर स्थित प्राचीन वामन भगवान मंदिर को लेकर एक ऐतिहासिक पहल सामने आई है। वामन ग्लोबल फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय (उर्फ कल्लू राय), सक्रिय पदाधिकारी भाई जी मिश्रा तथा सचिव सिकंदर सिंह द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस और स्थानीय विधायक आनंद मिश्रा के बयानों के अनुसार, अब इस दिव्य मंदिर को जेल परिसर से बाहर लाकर एक भव्य रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व में ही भगवान वामन के मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर की चारदीवारी से बाहर निकालने की महत्वपूर्ण घोषणा की थी, जिसे बिहार कैबिनेट द्वारा मंजूरी भी प्रदान की जा चुकी है।

​बक्सर सेंट्रल जेल परिसर स्थित वामन भगवान मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं के बीच अटूट आस्था है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान वामन रात के समय यहाँ विश्राम करने आते हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का दावा है कि मंदिर में रात के वक्त लगाए गए बिस्तर पर सुबह सिलवटें पाई जाती हैं, जो इस बात का प्रमाण मानी जाती हैं कि भगवान स्वयं यहाँ विश्राम करते हैं।

​जेल परिसर के अंदर स्थित होने के कारण आम श्रद्धालुओं को भगवान वामन के दर्शन-पूजन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। श्रद्धालुओं की इसी समस्या और जन-आस्था का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप राज्य सरकार ने मंदिर के लिए 1.90 एकड़ भूमि को जेल परिसर से पृथक कर दिया है। अब तीन तरफ से नई कंटीली व ऊंची चारदीवारी बनाकर कारागार की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मंदिर को स्वतंत्र रूप से भव्य धाम का स्वरूप दिया जा रहा है।

​वामन ग्लोबल फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी है कि 23 सितंबर को वामन द्वादशी के अवसर पर बक्सर शहर में भव्य एवं अलौकिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान हाथी, घोड़े, नगाड़े, सुसज्जित रथ और अलौकिक झांकियों के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। साथ ही पारंपरिक लोकनृत्य, राष्ट्रीय स्तर के बैंड और लगभग 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई है।



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