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दुनिया के उभरते शहरों में भारत के 55 शहर, दिल्ली की आर्थिक ताकत पर बड़ी उम्मीद

by admin@bebak24.com on | 2026-09-22 12:42:40

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दुनिया के उभरते शहरों में भारत के 55 शहर, दिल्ली की आर्थिक ताकत पर बड़ी उम्मीद

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की 2026 वैश्विक शहर सूचकांक रिपोर्ट में भारतीय शहरों की आर्थिक क्षमता सामने आई है। उभरते शीर्ष 100 शहरों में भारत के 55 शहर शामिल हैं, जबकि शीर्ष 50 में 23 भारतीय शहर हैं। हालांकि अर्थव्यवस्था के साथ जीवन स्तर, पर्यावरण, बुनियादी ढांचे और आय असमानता जैसे क्षेत्रों में कमजोर प्रदर्शन के कारण कोई भी भारतीय शहर समग्र शीर्ष 250 में जगह नहीं बना सका।

दिल्ली की आर्थिक क्षमता पर बड़ी उम्मीद

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली आने वाले वर्षों में तेज आर्थिक वृद्धि वाले शहरों में शामिल हो सकती है। 2050 तक दिल्ली दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था बन सकती है और उसकी आर्थिक क्षमता 2 खरब डॉलर से अधिक पहुंचने का अनुमान है।

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद और कोलकाता को विकासशील महानगरों में रखा गया है। वहीं आगरा, अहमदाबाद, जयपुर, कोयंबटूर, पुणे, सूरत, वडोदरा और नागपुर जैसे शहरों को उभरते शहरों की श्रेणी में जगह मिली है।

उत्तर प्रदेश के 15 शहर सूची में

उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे अधिक शहरों वाला राज्य रहा। लखनऊ 725वें स्थान के साथ प्रदेश में सबसे ऊपर है। इसके बाद मुरादाबाद 745वें, प्रयागराज 764वें, बरेली 784वें, अलीगढ़ 804वें, गोरखपुर 821वें, मेरठ 827वें और वाराणसी 832वें स्थान पर है।

आगरा 861वें, सहारनपुर 872वें, फैजाबाद 891वें, कानपुर 899वें, हरदोई 908वें, शाहजहांपुर 953वें और सुल्तानपुर 999वें स्थान पर रहे।

रिपोर्ट में वाराणसी के पर्यावरण प्रदर्शन को कमजोर बताया गया है। वहीं लखनऊ ने मानव पूंजी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया।

बंगलूरू और दिल्ली पर नजर

रिपोर्ट में बंगलूरू की तेजी से बढ़ती आबादी और अर्थव्यवस्था का भी उल्लेख है। शहर को अनुसंधान, गहन तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावना से जोड़ा गया है।

समग्र रैंकिंग में दिल्ली 268वें, बंगलूरू 311वें, मुंबई 330वें, चेन्नई 381वें, हैदराबाद 421वें, पुणे 427वें और त्रिशूर 477वें स्थान पर रहे।

रिपोर्ट में शहरों का आकलन अर्थव्यवस्था को 30%, मानव पूंजी को 25%, जीवन की गुणवत्ता को 25%, पर्यावरण को 10% और शासन व्यवस्था को 10% भार देकर किया गया है।

बेबाक24 की राय: रिपोर्ट भारतीय शहरों की आर्थिक क्षमता और तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य की तस्वीर सामने रखती है। लेकिन आर्थिक वृद्धि के साथ बेहतर जीवन स्तर, स्वच्छ पर्यावरण, मजबूत बुनियादी ढांचा और आय में संतुलन जैसे क्षेत्रों में सुधार भी उतना ही महत्वपूर्ण दिखाई देता है।



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