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महाराष्ट्र यूसीसी समिति से पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा, प्रश्नावली पर मतभेद

by admin@bebak24.com on | 2026-09-22 13:08:37

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महाराष्ट्र यूसीसी समिति से पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा, प्रश्नावली पर मतभेद

मुंबई | बेबाक24 न्यूज़

महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित समिति से पूर्व न्यायमूर्ति आर.सी. चव्हाण ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफे की वजह जनता से सुझाव लेने के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली की प्रक्रिया को लेकर मतभेद बताया है। समिति की दूसरी बैठक के दो दिन बाद 19 सितंबर को भेजा गया उनका इस्तीफा राज्य सरकार ने सोमवार को स्वीकार कर लिया।

प्रश्नावली को लेकर था मतभेद

महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता के लिए नियम और सिफारिशें तैयार करने के उद्देश्य से जुलाई में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति गठित की थी।

न्यायमूर्ति चव्हाण के अनुसार, समिति की बैठक में जनता की राय जानने के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली पर चर्चा हुई थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि प्रश्नावली की समीक्षा विशेषज्ञों और प्रोफेसरों से कराई जाए।

चव्हाण ने अपने ईमेल में दावा किया कि समिति की अध्यक्ष ने उनके द्वारा अंतिम रूप दी गई प्रश्नावली को पहले ही आगे बढ़ा दिया था और वेबसाइट तैयार होने के बाद उसे सार्वजनिक किए जाने की बात कही गई थी।

समिति की बैठक में बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी पर सवाल

पूर्व न्यायमूर्ति ने समिति की बैठक में एक ऐसे व्यक्ति की मौजूदगी पर भी सवाल उठाया, जिसे उन्होंने समिति का सदस्य नहीं बताया। उनके अनुसार, उस व्यक्ति ने प्रश्नावली से जुड़ी वेबसाइट में बदलाव के सुझाव दिए थे।

चव्हाण ने कहा कि उस व्यक्ति की भूमिका के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, बैठक में दिए गए सुझावों से उन्हें लगा कि वेबसाइट और प्रक्रिया से जुड़े कुछ काम में राज्य के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल थे।

सरकार ने इस्तीफा स्वीकार किया

न्यायमूर्ति चव्हाण ने समिति की ऑनलाइन बैठक के कुछ घंटे बाद 19 सितंबर को इस्तीफा भेजा था। राज्य सरकार ने सोमवार को इसे स्वीकार कर लिया।

उपलब्ध जानकारी में समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई या अन्य सदस्यों की ओर से चव्हाण के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रश्नावली की प्रक्रिया और बैठक में बाहरी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति समिति या सरकार की ओर से स्पष्ट किए जाने के बाद ही सामने आएगी।

बेबाक24 की राय

न्यायमूर्ति आर.सी. चव्हाण का इस्तीफा मुख्य रूप से जनता से सुझाव लेने की प्रक्रिया और समिति की कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद से जुड़ा बताया गया है। चूंकि उनके उठाए सवालों पर समिति की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, इसलिए इस विवाद के सभी पहलुओं की स्थिति आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगी।



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