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राज ठाकरे पर टिप्पणी से नाराज मनसे कार्यकर्ताओं ने इन्फ्लुएंसर को पकड़ा, कालिख पोतकर मंगवाई माफी

by on | 2026-09-21 12:44:58

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राज ठाकरे पर टिप्पणी से नाराज मनसे कार्यकर्ताओं ने इन्फ्लुएंसर को पकड़ा, कालिख पोतकर मंगवाई माफी

पुणे | बेबाक24 न्यूज़

महाराष्ट्र के पुणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे को पकड़कर उनके चेहरे पर कालिख पोत दी और कथित तौर पर माफी मांगने के लिए मजबूर किया। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें मोटे राज ठाकरे की तस्वीर के सामने माफी मांगते और उठक-बैठक करते नजर आ रहे हैं।

राज ठाकरे पर टिप्पणी से नाराज थे कार्यकर्ता

बताया गया है कि महेश मोटे ने करीब 15 दिन पहले सामाजिक माध्यम पर साझा एक वीडियो में मनसे प्रमुख राज ठाकरे को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद वह कुछ दिनों के लिए केरल चले गए थे।

मनसे के हडपसर विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग अध्यक्ष शुभम जगदाले के अनुसार, मोटे के पुणे लौटने की जानकारी मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें कात्रज इलाके के एक पार्क से पकड़ा और मनसे के जनसंपर्क कार्यालय ले गए।

कालिख पोतकर माफी मंगवाई

मनसे कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने मोटे के चेहरे पर कालिख पोती और राज ठाकरे की तस्वीर के सामने माफी मांगने के लिए मजबूर किया। वीडियो में उन्हें सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक करते हुए भी देखा जा सकता है।

बाद में सामने आए एक वीडियो में महेश मोटे ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी केरल में रहते हुए आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और महाराष्ट्र में रहते हुए राज ठाकरे या मनसे के बारे में गलत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी।

मनसे नेता ने दी चेतावनी

शुभम जगदाले ने कहा कि मोटे ने राज ठाकरे के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कार्यकर्ताओं की कार्रवाई को मनसे के अंदाज में दिया गया जवाब बताते हुए कहा कि पार्टी प्रमुख के बारे में ऐसी टिप्पणी करने वालों को संगठन इसी तरह जवाब देगा।

हालांकि, घटना में कथित जबरन कार्रवाई को लेकर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी इस रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

बेबाक24 की राय

किसी राजनीतिक नेता या संगठन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर कानूनी या संस्थागत प्रक्रिया उपलब्ध है। किसी व्यक्ति को पकड़कर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या माफी के लिए मजबूर करना अलग विषय है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान से घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।



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