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राजस्थान निकाय चुनाव: कहीं कांग्रेस का पलड़ा भारी तो कहीं भाजपा आगे, दौसा-पाली में मुकाबला रोचक

by admin@bebak24.com on | 2026-09-14 12:57:47

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राजस्थान निकाय चुनाव: कहीं कांग्रेस का पलड़ा भारी तो कहीं भाजपा आगे, दौसा-पाली में मुकाबला रोचक

जयपुर | बेबाक24 न्यूज़

राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में मतगणना के साथ ही शहरी सियासत की तस्वीर तेजी से साफ हो रही है। बड़े शहरों में भाजपा कई जगह बढ़त बनाए हुए है, जबकि झालावाड़, दौसा और पाली समेत कई निकायों में कांग्रेस ने मजबूत प्रदर्शन किया है। कई जगह निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

बड़े निकायों में भाजपा की बढ़त

अब तक सामने आए 156 वार्डों के नतीजों में भाजपा ने 81 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को 46 और निर्दलीयों को 28 सीटें मिली हैं। जयपुर में भी शुरुआती नतीजों में भाजपा आगे है। वार्ड 112 से भाजपा के सुनील कोठारी की जीत को अहम माना जा रहा है। वह जयपुर के अगले महापौर पद के संभावित दावेदारों में शामिल हैं।

उदयपुर में शुरुआती 15 वार्डों में भाजपा ने 10 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीती हैं। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा ने 32, कांग्रेस ने 24 और निर्दलीयों ने 4 वार्ड जीते। निंबाहेड़ा में भी भाजपा ने 27 सीटों के साथ बढ़त बनाई है।

झालावाड़ में कांग्रेस का बड़ा उलटफेर

झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने भाजपा के मजबूत प्रभाव वाले क्षेत्र में बड़ा उलटफेर किया है। कुल 45 वार्डों में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। भाजपा को 13, निर्दलीयों को 2 और आम आदमी पार्टी को 1 वार्ड मिला।

दौसा और पाली में कांग्रेस मजबूत

दौसा में अब तक कांग्रेस ने 18 वार्ड जीते हैं, जबकि भाजपा 14 सीटों पर है। निर्दलीयों ने 5 वार्डों में जीत दर्ज की है। वहीं पाली नगर निगम के 65 घोषित परिणामों में कांग्रेस 29 सीटों के साथ आगे है। भाजपा को 21 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिली हैं।

कई जगह निर्दलीयों ने बिगाड़ा गणित

रींगस नगरपालिका में निर्दलीयों का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। 35 में से 19 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए, जबकि भाजपा को 11 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं।

जमवारामगढ़ में भाजपा ने 18 और कांग्रेस ने 14 वार्ड जीते। अजमेर, नागौर, भीनमाल, जायल और अन्य निकायों में भी कई सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने मुकाबले का समीकरण बदला है।

बांसवाड़ा और अन्य निकायों में भी तस्वीर साफ

बांसवाड़ा के 60 वार्डों में अब तक भाजपा ने 32, कांग्रेस ने 21 और निर्दलीयों ने 4 सीटें जीती हैं। सागवाड़ा नगरपालिका के 34 वार्डों में भाजपा ने 22 सीटें जीतकर बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत कर ली है।

आबूरोड नगरपालिका में मुकाबला बराबरी का रहा। यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ने 11-11 वार्ड जीते, जबकि 2 सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं। नैनवां के शुरुआती 10 वार्डों में कांग्रेस और भाजपा 4-4 सीटों पर हैं, जबकि 2 सीटें निर्दलीयों ने जीती हैं।

बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर

निकाय चुनाव के परिणाम केवल वार्डों की जीत-हार तक सीमित नहीं हैं। जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर, अलवर, भीलवाड़ा और पाली जैसे बड़े शहरों के परिणाम भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए स्थानीय संगठन की ताकत का संकेत देंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और कई मंत्रियों व बड़े नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों पर भी नजर बनी हुई है।

बेबाक24 टेक: राजस्थान के शुरुआती निकाय परिणामों में भाजपा कई बड़े शहरों में बढ़त बनाए हुए है, लेकिन झालावाड़ और दौसा जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस के प्रदर्शन ने मुकाबले को एकतरफा होने से रोक दिया है। सबसे बड़ी तस्वीर यह है कि कई निकायों में निर्दलीय निर्णायक भूमिका में हैं। अंतिम नतीजों के साथ ही साफ होगा कि राजस्थान के शहरी मतदाताओं ने सत्ता के पक्ष में फैसला दिया है या स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी है।



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