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ईरान के तेल पर अमेरिका की नजर? ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो अपनाएंगे ‘वेनेजुएला मॉडल’

by admin@bebak24.com on | 2026-09-14 12:43:26

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ईरान के तेल पर अमेरिका की नजर? ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो अपनाएंगे ‘वेनेजुएला मॉडल’

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने युद्ध के बाद की अमेरिकी रणनीति को लेकर नई अटकलें तेज कर दी हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि संघर्ष खत्म होने के बाद भी अमेरिका ईरान में अपनी मौजूदगी बनाए रख सकता है और जरूरत पड़ने पर उसके तेल संसाधनों पर नियंत्रण की दिशा में कदम उठा सकता है। उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद अपनाई गई नीति से की।

ट्रंप ने आयरलैंड में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अमेरिका अंततः ईरान से बाहर निकल जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह वहां रुक सकता है और ‘वेनेजुएला की तरह तेल अपने पास रख सकता है।’ ट्रंप के इस बयान पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चुनाव के बाद युद्ध खत्म होने का दावा

ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद या संभवतः उससे पहले खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान लगातार अमेरिका के संपर्क में है और समझौते की कोशिश कर रहा है।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि वाशिंगटन अपनी शर्तों के अनुरूप ही किसी समझौते को स्वीकार करेगा। उनका कहना था कि अमेरिका को ऐसा समझौता चाहिए जो उसके लिए पर्याप्त रूप से मजबूत और स्वीकार्य हो।

महंगे तेल ने बढ़ाई वैश्विक चिंता

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया का संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अमेरिका में भी डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का दावा किया गया है।

ट्रंप ने कहा है कि संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है। हालांकि, तेल बाजार की दिशा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर कितना असर बना रहता है।

वेनेजुएला मॉडल का संदर्भ क्या है?

ट्रंप ने ईरान के संदर्भ में वेनेजुएला का उदाहरण ऐसे समय दिया है जब अमेरिका की ओर से उस देश के तेल क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने की चर्चा चल रही है। अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों और तेल कारोबार को लेकर वाशिंगटन की भूमिका बढ़ने की बात सामने आई है।

इसी संदर्भ में ट्रंप के बयान को ईरान के तेल संसाधनों तक संभावित अमेरिकी पहुंच के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका वास्तव में ऐसा कोई कदम उठाएगा या यह बयान केवल दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

ईरान के लिए क्यों अहम है यह बयान?

ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है और उसके ऊर्जा संसाधन उसकी अर्थव्यवस्था तथा रणनीतिक शक्ति का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में अमेरिकी हस्तक्षेप या तेल संसाधनों पर नियंत्रण की किसी भी संभावना का सीधा असर ईरान-अमेरिका संबंधों के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि युद्ध समाप्त होने की स्थिति में अमेरिका ईरान को लेकर किस रणनीति पर आगे बढ़ेगा। ट्रंप का ताजा बयान यह संकेत जरूर देता है कि वाशिंगटन की चिंता केवल सैन्य टकराव खत्म करने तक सीमित नहीं हो सकती।

बेबाक24 टेक: ट्रंप के ‘वेनेजुएला मॉडल’ वाले बयान को फिलहाल अमेरिकी नीति की अंतिम घोषणा मानना जल्दबाजी होगी। लेकिन जिस समय तेल की कीमतें ऊंची हैं और होर्मुज क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, ऐसे बयान ईरान के साथ संभावित युद्धोत्तर व्यवस्था और वैश्विक ऊर्जा राजनीति—दोनों पर गंभीर सवाल जरूर खड़े करते हैं।



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