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पीएम मोदी की 3 घंटे की समीक्षा बैठक, राज्य मंत्रियों से पूछा- विकसित भारत के लिए आपने क्या किया?

by admin@bebak24.com on | 2026-09-09 12:58:56

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पीएम मोदी की 3 घंटे की समीक्षा बैठक, राज्य मंत्रियों से पूछा- विकसित भारत के लिए आपने क्या किया?

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्य मंत्रियों के साथ करीब 3 घंटे की समीक्षा बैठक की। बैठक में मौजूद 20 मंत्रियों से उनके मंत्रालय की उपलब्धियों के साथ-साथ यह भी पूछा गया कि उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में क्या योगदान दिया।

बैठक में ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर प्रस्तुतियां हुईं। इसके बाद प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से उनके व्यक्तिगत प्रयासों और जमीनी स्तर पर किए गए काम का ब्योरा मांगा।

आंकड़े गिनाने पर मंत्रियों को टोका

बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को केवल मंत्रालय की उपलब्धियां और आंकड़े दोहराने से बचने की नसीहत दी। उन्होंने पूछा कि मंत्री पद संभालने के बाद उन्होंने खुद जनता के बीच जाकर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए क्या पहल की।

एक मंत्री से उन्होंने पूछा कि वे कितने आंगनबाड़ी केंद्रों में गए और वहां बच्चों के लिए क्या काम किया। वहीं दूसरे मंत्री से पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से सीधे संपर्क और उन्हें योजना का फायदा दिलाने के प्रयासों के बारे में जानकारी ली।

इस तरह प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से सरकारी आंकड़ों के बजाय उनके व्यक्तिगत योगदान और जमीनी संपर्क पर जवाब मांगा।

सोशल मीडिया पर भी मांगी सक्रियता

बैठक के दौरान मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने यह जानने की कोशिश की कि मंत्री सरकार की योजनाओं, नीतियों और गरीब कल्याण कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक किस तरह पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र में किए जा रहे अच्छे कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को विभिन्न माध्यमों के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले समीक्षा?

प्रधानमंत्री जल्द ही राज्य मंत्रियों के दूसरे समूह के साथ भी ऐसी ही समीक्षा बैठक कर सकते हैं। इन बैठकों को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले प्रदर्शन मूल्यांकन की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों के जरिए मंत्रियों के कामकाज, सक्रियता और सरकार की प्राथमिकताओं को जमीन तक पहुंचाने की उनकी क्षमता का आकलन किया जा रहा है।

बैठक का संदेश स्पष्ट रहा कि मंत्रियों से केवल मंत्रालय के आंकड़ों और योजनाओं की जानकारी नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पहल और प्रत्यक्ष जनसंपर्क के परिणाम भी अपेक्षित हैं।



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