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विजय माल्या बोले- मैं भगोड़ा नहीं, ब्रिटेन छोड़ने पर कानूनी रोक; सरकार पर लगाया अन्याय का आरोप

by admin@bebak24.com on | 2026-09-09 12:58:50

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विजय माल्या बोले- मैं भगोड़ा नहीं, ब्रिटेन छोड़ने पर कानूनी रोक; सरकार पर लगाया अन्याय का आरोप

लंदन | बेबाक24 न्यूज़

शराब कारोबारी विजय माल्या ने खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर एक बार फिर आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया कि वह भारत लौटने से इनकार नहीं कर रहे हैं, बल्कि फिलहाल कानूनी कारणों से ब्रिटेन छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं। माल्या ने भारत सरकार पर अपने खिलाफ अन्यायपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया।

माल्या का कहना है कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं और उनके देश छोड़ने पर फिलहाल कानूनी रोक है। वहीं, भारत सरकार उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर चुकी है और उनकी भारत वापसी के लिए कानूनी प्रक्रिया जारी है।

माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी क्यों घोषित किया गया?

भारत में विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में लोकसभा में बताया था कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत 15 लोगों को इस श्रेणी में रखा गया है। इनमें विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे नाम भी शामिल हैं।

माल्या पर भारतीय बैंकों से जुड़े बड़े वित्तीय विवाद और ऋण चुकाने में विफल रहने के मामले हैं। उनकी भारत वापसी लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का विषय बनी हुई है।

14,131 करोड़ रुपये की वसूली का क्या दावा?

माल्या ने अपने एक अन्य बयान में दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अदालत में दाखिल कथित हलफनामे में 2021 तक उनसे 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली का उल्लेख है।

उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम की वसूली के बाद भी उन्हें बैंक धोखाधड़ी से जुड़े आरोपी के रूप में क्यों प्रस्तुत किया जाता है। माल्या ने यह भी दावा किया कि उनकी संपत्तियों और धनराशि को कब्जे में लिए जाने के कारण वह किंगफिशर कर्मचारियों को भुगतान नहीं कर सके

उनका कहना है कि ईडी ने उनके अटैच फंड से 350 करोड़ रुपये से अधिक राशि कर्मचारियों के भुगतान के लिए जारी की थी।

भारत सरकार का क्या रुख है?

भारत सरकार लगातार कहती रही है कि आर्थिक अपराधों के मामलों में वांछित लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में भी कहा था कि ऐसे मामलों में कई देशों के साथ कानूनी और राजनयिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सरकार का रुख है कि आर्थिक अपराध के मामलों में वांछित लोगों को भारत लाकर संबंधित अदालतों में मुकदमे का सामना कराया जाए।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने भी जताई नाराजगी

विजय माल्या के मामले में बॉम्बे उच्च न्यायालय भी कड़ा रुख अपना चुका है। फरवरी 2026 में अदालत ने कहा था कि माल्या जानबूझकर अदालती कार्यवाही से दूर रह रहे हैं। अदालत ने उन्हें भारत लौटने के अपने इरादे पर स्पष्ट रुख बताने का अवसर भी दिया था।

माल्या ने अदालत में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की संवैधानिक वैधता और खुद को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी है।

माल्या का सवाल- मेरा पैसा कब लौटेगा?

अपने हालिया बयान में विजय माल्या ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में उन्हें शुरुआत से ही ‘धोखेबाज’ या ‘भगोड़ा’ बताने के बजाय उनकी ओर से किए जा रहे दावों पर भी चर्चा क्यों नहीं होती।

माल्या का कहना है कि अब यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए कि उनसे वसूली गई रकम में से उनका पैसा उन्हें कब वापस मिलेगा। हालांकि, उनकी ओर से किए गए वसूली संबंधी दावों और कानूनी स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित अदालतों और सरकारी अभिलेखों के आधार पर ही तय होगा।



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