ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

आज उठ सकता है किसान मोर्चा, सरकार ने मानीं अधिकतर मांगें; लिखित आश्वासन का इंतजार

by on | 2026-09-07 16:39:18

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3058


आज उठ सकता है किसान मोर्चा, सरकार ने मानीं अधिकतर मांगें; लिखित आश्वासन का इंतजार

चंडीगढ़ | बेबाक24 न्यूज़

चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे संयुक्त किसान मोर्चा और पंजाब सरकार के बीच रविवार को हुई वार्ता में अधिकतर मुद्दों पर मौखिक सहमति बन गई। अब किसानों की नजर सोमवार सुबह मिलने वाले लिखित आश्वासन पर है। इसके बाद ही धरना समाप्त करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के साथ संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़ी 24 जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने चर्चा की।

विधानसभा में प्रस्ताव लाने का भरोसा

किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल के अनुसार, पंजाब सरकार ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धारा 78, 79 और 80 को हटाने के लिए विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया है।

इसके साथ ही बिजली और बीज से जुड़े विधेयकों को वापस लेने तथा पानी से संबंधित समझौतों को रद्द करने के लिए भी विधानसभा में प्रस्ताव लाने की बात कही गई है।

किसानों के कर्ज के लिए एकमुश्त समाधान योजना

सरकार ने किसानों के कर्ज के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाने पर भी सहमति जताई है। इसे विधानसभा के आगामी सत्र में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

राजेवाल ने कहा कि सरकार के मौखिक आश्वासन से किसान संगठनों को संतोष है, लेकिन आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही किया जाएगा।

गन्ने के दाम और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी चर्चा

सरकार ने पंजाब में गन्ने का सबसे अधिक मूल्य देने का भरोसा दिया है। किसान संगठनों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत भुगतान क्षमता बढ़ाने के लिए नकद ऋण सीमा में बढ़ोतरी की मांग भी रखी है।

किसान नेताओं का कहना है कि फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है।

पहले पंजाब के मुद्दे, फिर केंद्र से बातचीत

बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि फिलहाल आंदोलन का ध्यान पंजाब सरकार से जुड़े मुद्दों पर है। राज्य के मामलों में समाधान और लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही केंद्र सरकार से जुड़े विषयों पर संघर्ष आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक केंद्र की ओर से वार्ता का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है।

अब सोमवार को सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने पर नजर है। इसके बाद यह तय होगा कि चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर जारी किसान मोर्चा समाप्त किया जाए या आंदोलन आगे बढ़ाया जाए।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment