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सहारनपुर मस्जिद प्रकरण: दंगे से जुड़े होर्डिंग्स से बढ़ा तनाव, नजरबंदी के बावजूद सहारनपुर पहुंचे हरेंद्र मलिक

by on | 2026-09-07 16:36:32

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सहारनपुर मस्जिद प्रकरण: दंगे से जुड़े होर्डिंग्स से बढ़ा तनाव, नजरबंदी के बावजूद सहारनपुर पहुंचे हरेंद्र मलिक

सहारनपुर/मुजफ्फरनगर | बेबाक24 न्यूज़

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के 5 सितंबर को ध्वस्तीकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों के प्रस्तावित दौरे से पहले सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े विवादित होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए। पुलिस ने सहारनपुर में ऐसे पोस्टर हटाकर उन्हें लगाने वालों की तलाश शुरू कर दी है।

वहीं, सहारनपुर जाने वाले समाजवादी पार्टी के कई नेताओं को पुलिस ने उनके घरों पर रोक दिया। मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक को भी नजरबंद किया गया था, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए।

सहारनपुर में लगाए गए विवादित पोस्टर

सपा प्रतिनिधिमंडल के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले रविवार को सहारनपुर के बड़े अस्पताल पुल पर एक पोस्टर लगाया गया। इसमें वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए लिखा गया था- 'ना भूले थे, ना भूले हैं, ना भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगा'

पोस्टर पर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगाई गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने पोस्टर हटवा दिया। अब इसकी जांच के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं।

मुजफ्फरनगर में भी लगे होर्डिंग

मुजफ्फरनगर में भी दंगों के 13 वर्ष पूरे होने के बीच इसी तरह की सामग्री अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दी। रोडवेज बस अड्डे समेत प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग्स में दंगों को याद करते हुए संदेश लिखे गए थे।

पुलिस इन होर्डिंग्स के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

कई सपा नेताओं को घर से निकलने से रोका

सहारनपुर पहुंचने वाले सपा के प्रतिनिधिमंडल को देखते हुए पुलिस ने कई नेताओं को उनके आवास पर नजरबंद किया। इनमें सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, विधायक अतुल प्रधान, आशु मलिक, उमर अली खान और अन्य नेता शामिल बताए गए।

सरधना विधायक अतुल प्रधान को 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सहारनपुर जाने से पहले नजरबंद किया गया। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य मस्जिद ध्वस्तीकरण स्थल का जायजा लेना और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करना था।

नजरबंदी के बावजूद सहारनपुर पहुंचे हरेंद्र मलिक

मुजफ्फरनगर के सपा सांसद हरेंद्र मलिक को उनके प्रेमपुरी स्थित आवास पर नजरबंद किया गया था। उन्हें पार्टी के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सहारनपुर जाना था।

हालांकि, बाद में वह पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। उनके साथ सपा के मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष जिया चौधरी भी मौजूद रहे।

विपक्ष ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

सपा विधायक आशु मलिक ने नेताओं को नजरबंद किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है और नेताओं को जनता के बीच जाने से रोका जा रहा है।

मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पहले से ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। ऐसे में विवादित पोस्टर और विपक्षी नेताओं की आवाजाही पर रोक ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है।

फिलहाल पुलिस पोस्टर और होर्डिंग लगाने वालों की पहचान में जुटी है, जबकि विपक्षी दल मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।



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