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मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत, 6-7 सितंबर पर टिकी नजरें

by admin@bebak24.com on | 2026-09-03 12:06:24

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मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत, 6-7 सितंबर पर टिकी नजरें

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। 26 अगस्त को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंत्रियों से कही गई एक बात को महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने अगली बैठक में नए साथियों के शामिल होने की बात कही थी। इसके बाद अगली बैठक और संभावित बदलाव को लेकर अटकलें बढ़ गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, 6 और 7 सितंबर के आसपास मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना पर नजर है। हालांकि, सरकार की ओर से फेरबदल की तारीख या नए मंत्रियों के नाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

कई मंत्रियों के विभाग बदले जाने की चर्चा

संभावित फेरबदल में केवल नए चेहरों को शामिल किए जाने के बजाय मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किए जाने की संभावना जताई जा रही है। जिन मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालय हैं, उनमें से कुछ जिम्मेदारियां लेकर दूसरे नेताओं को दी जा सकती हैं।

सरकार में युवा चेहरों को अधिक जिम्मेदारी देने और नई पीढ़ी के साथ बेहतर संवाद क्षमता वाले नेताओं को आगे बढ़ाने की चर्चा भी है। इसी क्रम में शिक्षा मंत्रालय को लेकर भी विशेष ध्यान होने की बात कही जा रही है।

70 वर्ष से अधिक उम्र वाले मंत्रियों पर नजर

मंत्रिमंडल में 70 वर्ष से अधिक आयु के 14 मंत्री हैं। संभावित फेरबदल में इनमें से कुछ नेताओं की सरकारी जिम्मेदारियां सीमित किए जाने की चर्चा है। ऐसे नेताओं को संगठन या राज्यों में अधिक सक्रिय भूमिका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, उम्र के आधार पर किसी मंत्री को हटाने या जिम्मेदारी बदलने का अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।

सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देने की चुनौती

संभावित बदलाव का एक महत्वपूर्ण पक्ष राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दल भी हैं। गठबंधन में शामिल नए राजनीतिक समूहों को केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व देने की मांग बढ़ सकती है।

तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बने 20 सांसदों के समूह के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ आने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान देने का दबाव बढ़ने की चर्चा है। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसदों की संख्या भी जनता दल (यूनाइटेड) से अधिक होने का राजनीतिक समीकरण सामने है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से भी अधिक प्रतिनिधित्व की मांग किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को साथ रखने के लिए भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश से रवि किशन के नाम की चर्चा

संभावित फेरबदल में उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद रवि किशन का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। हाल के राजनीतिक आंदोलनों के दौरान वह सामाजिक माध्यमों पर काफी चर्चा में रहे थे।

रवि किशन ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस सामाजिक समूह को साधने की भाजपा की रणनीति के संदर्भ में उनका नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

6 और 7 सितंबर की तारीख क्यों महत्वपूर्ण?

सितंबर की शुरुआत में प्रधानमंत्री की अन्य राजनीतिक और प्रशासनिक व्यस्तताओं को देखते हुए मंत्रिमंडल फेरबदल के लिए समय सीमित माना जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा पर रहेंगे। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होना है।

इसके बाद 17 सितंबर से भाजपा का सेवा संकल्प अभियान शुरू होना प्रस्तावित है। ऐसे में 6 और 7 सितंबर के बीच का समय संभावित मंत्रिमंडल बदलाव के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल सरकार की ओर से फेरबदल को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए संभावित नामों और विभागों में बदलाव से जुड़ी सभी चर्चाओं को अभी अटकलों के स्तर पर ही देखा जा रहा है।



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