by on | 2026-11-06 14:48:44
Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3018
अमेरिका | बेबाक24 न्यूज़
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शेष कार्यकाल के दौरान अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण रहेगा। चुनाव परिणामों को ट्रंप की राजनीतिक नीतियों के प्रति मतदाताओं की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। इसका असर केवल अमेरिका की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि ईरान, खाड़ी देशों, चीन, रूस और यूक्रेन के साथ अमेरिकी संबंधों पर भी पड़ सकता है।
ट्रंप ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के साथ युद्ध और बढ़ती महंगाई के कारण रिपब्लिकन पार्टी के कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पार्टी की हार के पीछे ईरान युद्ध को प्रमुख कारण बताया।
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद ईरान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि अमेरिकी राजनीति में बदलाव से ईरान के प्रति अमेरिका की नीतियों में बदलाव की उम्मीद करना गलत होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने दोबारा ईरान पर हमला किया तो जवाबी कार्रवाई पहले से अधिक गंभीर होगी। यह संदेश 1979 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की बरसी के अवसर पर जारी किया गया था।
मोजतबा खामेनेई ने 28 फरवरी को हुए अमेरिकी-इसराइली हमलों में अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। हालांकि, वह कई महीनों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।
ईरान के मुख्य वार्ताकार ने अमेरिकी चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी मतदाताओं ने युद्ध को पसंद नहीं किया है। दूसरी ओर, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ युद्ध का अंत उनके निर्णय पर निर्भर करेगा।
अमेरिकी चुनाव परिणामों का प्रभाव सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे खाड़ी देशों के साथ वाशिंगटन के संबंधों पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार के इन देशों के साथ कारोबारी तथा व्यक्तिगत संबंध रहे हैं। दुबई में ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स मौजूद है, जबकि कतर ने उन्हें 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विमान उपहार में दिया था।
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब ने मिलकर ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर की कंपनी एफिनिटी कैपिटल में अरबों डॉलर का निवेश किया है।
ट्रंप ने अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान 2017 में विदेश यात्रा की शुरुआत सऊदी अरब से की थी। हालांकि, इस वर्ष ईरान के साथ सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय परिस्थितियों को प्रभावित किया है।
इससे पहले सऊदी अरब और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच भी संबंध सहज नहीं रहे थे। वर्ष 2022 में बाइडेन और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मुलाकात के दौरान अभिवादन के तरीके को लेकर काफी चर्चा हुई थी।
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार को ईरान युद्ध और महंगाई से जोड़कर देखा जा रहा है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्वीकार किया कि युद्ध के कारण पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा।
ट्रंप ने वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान पेट्रोल की कीमत 2 डॉलर प्रति गैलन से नीचे लाने का वादा किया था। लेकिन अक्टूबर 2026 में अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.31 डॉलर प्रति गैलन दर्ज की गई।
उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में नया युद्ध शुरू नहीं करने का भी वादा किया था। इसके बावजूद ईरान के साथ सैन्य टकराव ने उनकी सरकार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवालों के घेरे में ला दिया।
मध्यावधि चुनाव से ठीक एक दिन पहले अमेरिका ने एक ईरानी द्वीप पर हमला किया था। चुनाव परिणाम आने के बाद भी ट्रंप ने युद्ध शुरू करने के फैसले पर पछतावा नहीं जताया।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा लंबे समय से जारी है। ट्रंप ने अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण देने के उद्देश्य से चीन से आने वाले सामान पर आयात शुल्क लगाया था।
इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया और अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद रोक दी। इससे अमेरिका के उन राज्यों के किसानों को नुकसान हुआ, जहां ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन मिलता रहा है।
दोनों देशों के बीच शुल्क को लेकर जारी विवाद से अमेरिकी बाजार में खिलौने और कपड़ों जैसी वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ा।
चुनाव परिणामों के बाद चीन को अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए नया अवसर दिखाई दे सकता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ट्रंप के साथ प्रस्तावित मुलाकात भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चीन को उम्मीद हो सकती है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण के बाद ट्रंप प्रशासन व्यापारिक विवादों को सुलझाने के लिए समझौते की दिशा में आगे बढ़ेगा।
अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद रूस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि ट्रंप शांति स्थापित करने के अपने प्रयास जारी रखेंगे।
उन्होंने रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच अबू धाबी में प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता के अगले दौर का भी उल्लेख किया।
पेस्कोव ने मेलानिया ट्रंप के मानवीय प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि रूस को उम्मीद है कि ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
हालांकि, रूस के भीतर यह आशंका भी जताई जा रही है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली अमेरिकी संसद रूस के साथ किसी संभावित समझौते में बाधा बन सकती है। इसके अलावा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों में राहत मिलने की संभावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
रूस फिलहाल ट्रंप प्रशासन के साथ अपने संबंधों और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को लेकर आशावान दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के परिणामों पर यूक्रेन, ईरान और पश्चिम एशिया के देशों की नजर इसलिए भी रही, क्योंकि इन क्षेत्रों में जारी संघर्षों पर अमेरिकी नीतियों का सीधा प्रभाव पड़ता है।
यूक्रेन में राजनीतिक टिप्पणीकारों ने ट्रंप की युद्ध संबंधी नीतियों पर सवाल उठाए। पत्रकार रोमन त्सिम्बाल्युक ने व्यंग्य करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने दुनिया के कई युद्ध सुलझाने का दावा किया, लेकिन अपना चुनावी संघर्ष हार गए।
यूक्रेन में रूस के हमले और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं जारी हैं। ऐसे में वहां कुछ लोगों को उम्मीद है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक बहुमत के कारण रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो सकती है।
वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राजनीति में संभावित गतिरोध के कारण यूक्रेन को लेकर भविष्य की अमेरिकी नीति में अनिश्चितता बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
ईरान के सरकारी और सरकार समर्थक समाचार माध्यमों ने डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को ट्रंप की युद्ध नीति के प्रति अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजे केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घरेलू राजनीतिक स्थिति में बदलाव नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध अमेरिका की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से भी है। ईरान के साथ युद्ध, चीन के साथ व्यापारिक विवाद, रूस-यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी देशों के साथ संबंध आने वाले समय में महत्वपूर्ण विषय बने रहेंगे। हालांकि, संसद में डेमोक्रेटिक बहुमत का अर्थ यह नहीं है कि अमेरिका की विदेश नीति तत्काल बदल जाएगी। वास्तविक बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच नीतिगत फैसलों पर किस तरह सहमति या टकराव होता है।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'