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जयपुर ग्रामीण में सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट पर अभिजीत दीपके का आरोप: ‘स्कूल देखने से किसे परेशानी?’

by on | 2026-08-21 16:20:26

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जयपुर ग्रामीण में सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट पर अभिजीत दीपके का आरोप: ‘स्कूल देखने से किसे परेशानी?’

जयपुर | बेबाक24 न्यूज़

राजस्थान के जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा स्थित सरकारी विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजस्थान पुलिस को टैग करते हुए गंभीर आरोप लगाए और सवाल किया कि सरकारी विद्यालयों की स्थिति देखने पहुंचे कार्यकर्ताओं का विरोध क्यों किया जा रहा है।

अभिजीत दीपके ने पुलिस पर भी उठाए सवाल

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ और पुलिस कथित तौर पर मूकदर्शक बनी रही।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी विद्यालयों की स्थिति खराब है तो उसे सामने लाने वाले कार्यकर्ताओं से परेशानी क्यों होनी चाहिए। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन को विद्यालयों की बदहाल स्थिति पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि स्कूल का निरीक्षण करने वालों को रोकना चाहिए।

आशुतोष रांका ने ग्रामीणों को दोष न देने की अपील की

वहीं, घटना के बाद सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने ग्रामीणों को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराने की अपील की।

रांका के मुताबिक, ग्रामीणों ने ही सीजेपी की टीम से विद्यालय का निरीक्षण करने का आग्रह किया था। उन्होंने दावा किया कि हिंसा भड़काने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया था।

रांका ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जानकारी मिली है कि स्थानीय भाजपा पार्षद को कुछ लोगों के बीच पैसे बांटते हुए देखा गया था। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

भाजपा और ग्रामीणों पर पहले भी लगाए गए आरोप

इस घटना को लेकर सीजेपी की ओर से पहले भी आरोप लगाया गया था कि कार्यकर्ताओं के विद्यालय पहुंचने का विरोध भाजपा समर्थित लोगों ने किया। दूसरी ओर, घटना के दूसरे पक्ष की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है।

एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया था कि सीजेपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में लोगों के साथ पहुंचे थे और ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट नहीं की। उसने यह भी आरोप लगाया था कि कार्यकर्ताओं ने अपनी ही गाड़ी क्षतिग्रस्त की।

विद्यालय की स्थिति बनी विवाद का केंद्र

पूरा विवाद सरकारी विद्यालय की स्थिति के निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ। सीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों को पानी, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

वहीं स्थानीय पक्ष का दावा है कि विद्यालय की मरम्मत के लिए पहले ही 12 लाख रुपये मंजूर किए जा चुके हैं।

मामले में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसलिए वास्तविक घटनाक्रम और मारपीट के जिम्मेदार लोगों की पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बेबाक24 का नजरिया

विद्यालय की खराब स्थिति का सवाल उठाने वालों पर हमला हुआ है या विवाद के दौरान दूसरी तरफ से भी कोई उकसावे की कार्रवाई हुई, इसका फैसला जांच और साक्ष्यों से होना चाहिए, राजनीतिक आरोपों से नहीं।

बेबाक24 का सवाल यह है कि अगर विद्यालय के लिए 12 लाख रुपये स्वीकृत हैं, तो प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राशि कब स्वीकृत हुई, काम की शुरुआत कब होगी और बच्चों को मूलभूत सुविधाएं कब मिलेंगी।



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