by on | 2026-08-14 14:34:36
Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3033
नई दिल्ली: डांस को अक्सर मनोरंजन और शारीरिक व्यायाम से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन शोधों के मुताबिक इसके फायदे सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं हैं। नियमित रूप से नाचने से दिमाग की सक्रियता बढ़ सकती है, शरीर और मस्तिष्क के बीच तालमेल बेहतर हो सकता है और मनोदशा पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डांस के दौरान एक साथ शरीर की गतिविधियों, संगीत की लय, याददाश्त, संतुलन और अगले कदम के बारे में सोचने की जरूरत होती है। यही वजह है कि इसे दिमाग के लिए ऐसी गतिविधि माना जाता है जिसमें एक साथ कई मानसिक प्रक्रियाएं सक्रिय रहती हैं।
जब आप ट्रेडमिल पर दौड़ते हैं या एक ही तरह की शारीरिक कसरत करते हैं तो शरीर एक तय प्रक्रिया का अभ्यस्त हो सकता है। इसके विपरीत डांस में लगातार कदम बदलने, ताल पकड़ने, शरीर को नियंत्रित करने और नई गतिविधियों को याद रखने की जरूरत पड़ती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियां मस्तिष्क की न्यूरोप्लास्टिसिटी को बढ़ावा दे सकती हैं। न्यूरोप्लास्टिसिटी का मतलब है कि दिमाग अनुभव और सीखने के आधार पर अपने तंत्रिका संबंधों में बदलाव कर सकता है।
शोधों में शारीरिक गतिविधि और मस्तिष्क की संरचना के बीच संबंध पाया गया है। डांस जैसी गतिविधियां मस्तिष्क के उन हिस्सों को सक्रिय करती हैं जो गति, संतुलन, स्मृति और निर्णय लेने से जुड़े हैं।
मस्तिष्क में ग्रे मैटर मुख्य रूप से जानकारी के प्रसंस्करण से जुड़ा होता है, जबकि व्हाइट मैटर मस्तिष्क के अलग-अलग हिस्सों के बीच संकेतों के संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नियमित व्यायाम के दौरान मस्तिष्क में ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर जैसे रसायनों की गतिविधि बढ़ सकती है। यह तंत्रिका कोशिकाओं के विकास और उनके बीच संपर्क मजबूत करने में भूमिका निभाता है।
डांस में नए कदम सीखना, उन्हें याद रखना और संगीत की लय के साथ सही समय पर दोहराना पड़ता है। इस प्रक्रिया में स्मृति, ध्यान और शरीर के समन्वय से जुड़े मस्तिष्कीय तंत्र सक्रिय रहते हैं।
इसी कारण डांस को केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि सीखने और मानसिक चुनौती वाली गतिविधि भी माना जाता है।
डांस करने के बाद कई लोगों को अच्छा और हल्का महसूस होता है। इसका एक कारण शारीरिक गतिविधि के दौरान मस्तिष्क में बनने वाले रसायन हो सकते हैं।
व्यायाम से एंडोर्फिन जैसे रसायनों की गतिविधि बढ़ सकती है, जबकि डोपामिन और सेरोटोनिन मनोदशा और प्रेरणा से जुड़े होते हैं। जब लोग समूह में डांस करते हैं तो सामाजिक जुड़ाव का अनुभव भी बढ़ सकता है।
यानी डांस शरीर को सक्रिय करने के साथ तनाव कम करने और मन को बेहतर महसूस कराने वाली गतिविधि भी बन सकता है।
उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क की कार्यक्षमता में स्वाभाविक बदलाव आते हैं। ऐसे में ऐसी गतिविधियां महत्वपूर्ण हो सकती हैं जिनमें शरीर के साथ दिमाग को भी सक्रिय रूप से काम करना पड़े।
डांस में नई चीजें सीखने, संतुलन बनाने, याद रखने और तुरंत प्रतिक्रिया देने की जरूरत होती है। इससे संज्ञानात्मक आरक्षित क्षमता यानी मस्तिष्क की वह क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है, जो उम्र बढ़ने के साथ होने वाले बदलावों से निपटने में उपयोगी होती है।
कुछ शोधों में डांस और डिमेंशिया के कम जोखिम के बीच संबंध भी पाया गया है। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि डांस अकेले अल्जाइमर या डिमेंशिया को रोक सकता है।
डांस शुरू करने के लिए किसी खास उम्र की जरूरत नहीं है। शुरुआती स्तर पर हल्के कदमों, संगीत के साथ घर पर नाचने या किसी पसंदीदा नृत्य शैली को सीखने से शुरुआत की जा सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता है। ऐसी गतिविधि चुनना ज्यादा आसान होता है जिसे करने में आपको आनंद आए और जिसे लंबे समय तक जारी रखा जा सके।
डांस में एक साथ कई चीजें होती हैं—शरीर की गति, संतुलन, संगीत की लय, याददाश्त, ध्यान और भावनात्मक प्रतिक्रिया। यही इसकी खासियत है।
इसलिए अगली बार जब आपको लगे कि व्यायाम करना बोझिल हो रहा है, तो संगीत चलाकर कुछ मिनट नाचना भी एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, किसी भी शारीरिक गतिविधि की तरह अपनी उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही व्यायाम की तीव्रता तय करना बेहतर है।
बेबाक24 न्यूज़: डांस केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शरीर और दिमाग को एक साथ सक्रिय रखने का सरल तरीका हो सकता है। नियमित और सुरक्षित तरीके से किया गया नृत्य शारीरिक सक्रियता, मानसिक चुस्ती और बेहतर मनोदशा के लिए उपयोगी हो सकता है।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'